Sona Group Family Trust Dispute: देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में से एक, सोना ग्रुप (Sona Group) के भीतर चल रहा 11 हजार करोड़ रुपये का उत्तराधिकार विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले को मध्यस्थता (Mediation) के लिए भेजने का आदेश दिया है। इस संवेदनशील पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया गया है।
जानकारी के मुताबिक यह कानूनी लड़ाई मुख्य रूप से रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच सोना ग्रुप फैमिली ट्रस्ट और विरासत के अधिकारों को लेकर चल रही है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह एक पारिवारिक मामला है और इसे मनोरंजन का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए। कोर्ट ने पक्षों से अपील की कि 80 वर्ष की उम्र में लंबी कानूनी लड़ाई का कोई अर्थ नहीं है, इसलिए आपसी सहमति से इसका समाधान निकाला जाए।
दरअसल, इस विवाद की जड़ें साल 2017 से जुड़ी हैं, जब रानी कपूर ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे संजय कपूर और बहू प्रिया सचदेव कपूर ने उनकी बीमारी का फायदा उठाकर संपत्ति को ट्रस्ट में ट्रांसफर करवाया। रानी कपूर का दावा है कि प्रशासनिक कार्यों के बहाने उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर लिए गए थे। पिछले साल जून में संजय कपूर के निधन के बाद यह विवाद और गहरा गया, जब दोनों पक्षों ने कंपनी और एसेट्स पर नियंत्रण के लिए कानूनी दांवपेच तेज कर दिए।
बता दें कि इस मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों का भविष्य भी दांव पर लगा है। 30 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने करिश्मा कपूर के बच्चों की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रिया सचदेव कपूर को संजय कपूर की संपत्ति पर किसी भी प्रकार का थर्ड-पार्टी राइट बनाने से रोक दिया था। संजय कपूर और करिश्मा कपूर का विवाह 2003 में हुआ था और 2016 में दोनों का तलाक हो गया था। अब रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट से ट्रस्ट की संपत्तियों पर ‘यथास्थिति’ (Status quo) बनाए रखने की मांग की है।
गौरतलब है कि सोना ग्रुप, जिसे ‘सोना कॉमस्टार’ (Sona Comstar) के नाम से भी जाना जाता है, एक वैश्विक ऑटो कंपोनेंट दिग्गज है। कंपनी का नेटवर्क भारत के अलावा अमेरिका, मैक्सिको, चीन और सर्बिया तक फैला हुआ है, जिसमें कुल 11 फैक्ट्रियां शामिल हैं। टेस्ला, टाटा, फोर्ड और हीरो जैसी बड़ी कंपनियां इसकी ग्राहक सूची में हैं। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र में कंपनी की पकड़ बेहद मजबूत है और यह मुख्य रूप से ‘E.P.I.C’ रणनीति पर कार्य करती है।
फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, संजय कपूर की कुल संपत्ति लगभग 1.2 अरब डॉलर यानी करीब 11,340 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने उत्तर भारत के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपना विस्तार किया था। अब बाजार की नजरें पूर्व सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ की मध्यस्थता पर टिकी हैं। इस बीच, गुरुवार को शेयर बाजार में ‘Sona BLW Precision Forgings Limited’ के शेयरों में 0.96 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह 577 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।
















