Supreme Court Judges Strength: देश की न्याय व्यवस्था और शीर्ष अदालत को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट की ओर से मिली मंजूरी के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक नया अध्यादेश जारी किया है। इस नए आधिकारिक आदेश के लागू होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या को बढ़ा दिया गया है।
देश के केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक रूप से इस पूरे घटनाक्रम और निर्णय की जानकारी साझा की है।केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपनी पोस्ट में इस महत्वपूर्ण बदलाव की रूपरेखा को स्पष्ट किया है।
कानून मंत्री ने लिखा कि देश की राष्ट्रपति ने एक नया अध्यादेश जारी कर सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या को बढ़ाने के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इस नए संशोधन के प्रभावी होने के बाद, अब भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को अलग रखते हुए सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़कर सीधे 37 कर दी गई है।
The President is pleased to increase the Judge strength of the Supreme Court from 33 to 37 Judges (Excluding the Chief Justice of India) by promulgating The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026, which has further amended the “Supreme Court (Number of Judges)…
संबंधित खबरें— Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) May 16, 2026
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार को दशकों पुराने स्थापित कानूनी प्रावधानों में विधिवत बदलाव करना पड़ा है। सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जजों की संख्या में इस वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए साल 1956 के मूल “सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम” में आवश्यक संशोधन किया गया है। कानून मंत्रालय की ओर से इस विषय को लेकर एक औपचारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
मंत्रालय की ओर से जारी किए गए इस आधिकारिक नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के खाली पदों और कुल संख्या को बढ़ाने के उद्देश्य से ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से यह अध्यादेश जारी हुआ है। देश के संविधान के अनुच्छेद 123(1) के तहत राष्ट्रपति को प्राप्त विशेष शक्तियों का सीधा उपयोग करते हुए इस अध्यादेश को देश में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
कानूनी और प्रशासनिक गलियारों में इस नए जारी किए गए अध्यादेश को अब आधिकारिक रूप से ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026’ के नाम से जाना जाएगा। इसके लागू होने के बाद अब सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 की संबंधित धारा 2 में बदलाव हो गया है, जिसके तहत देश की शीर्ष अदालत में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायाधीशों की तय संख्या को 33 से बढ़ाकर अब 37 कर दिया गया है।
इस नए बदलाव के बाद अब शीर्ष अदालत में जजों की संख्या बढ़ने से न्यायिक कार्यों के संचालन और लंबित मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार के इस कदम को अदालती कामकाज को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक जरूरी प्रक्रियात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी घोषणा खुद कानून मंत्री ने आधिकारिक तौर पर की है।

















