Himachal Weather Updates: हिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में अगले चार से पांच दिनों तक तेज धूप के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी 26 मई से प्रदेश के मैदानी और निचले इलाकों में लू (हीट वेव) का गंभीर असर देखा जा सकता है। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में दिन के सामान्य तापमान में 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी वृद्धि होने का अनुमान है।
मौसम विभाग शिमला द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 24 और 25 मई को प्रदेश के अधिकांश जिलों के लिए किसी भी प्रकार का विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इन दो दिनों के दौरान राज्य में तेज धूप खिली रहेगी और बारिश की गतिविधियों में भारी कमी देखने को मिलेगी। वर्षा न होने के कारण दिन के तापमान में लगातार इजाफा होगा, जिससे मैदानी जिलों में दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं और बढ़ती उमस आम जनता को काफी असहज कर सकती है।
आगामी 26 मई से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी के तेवर और अधिक तीखे होने की पूरी संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए हीट वेव का ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया है। गर्मी का यह प्रभाव 27 मई को और अधिक व्यापक रूप ले सकता है। विभाग के अनुसार, 27 मई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में लू जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।
एक तरफ जहां मैदानी इलाके भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के ऊपरी और उच्च पर्वतीय इलाकों में फिलहाल मौसम सामान्य रहने की उम्मीद जताई गई है। शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए अगले दो दिनों तक प्रशासन या मौसम विभाग की ओर से कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं है। हालांकि, मैदानी इलाकों के प्रभाव के कारण इन ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में भी दिन के तापमान में आंशिक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
अगर बीते 24 घंटों के मौसमी घटनाक्रम पर नजर डालें, तो राज्य के कुछ सीमित हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक दर्ज की गई थी, जबकि बहुत अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हुई थी। इस अस्थायी मौसमी गतिविधि के कारण तापमान में मामूली गिरावट आई थी और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली थी। परंतु अब मौसम पूरी तरह साफ हो चुका है और आसमान से बरसती तेज धूप के कारण मैदानी क्षेत्रों में गर्मी ने दोबारा पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, राज्य का ऊना जिला सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है, जहां का अधिकतम तापमान पहले ही 42 डिग्री सेल्सियस के स्तर तक पहुंच चुका है। ऊना के अलावा कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में भी पारे में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। मौसम वैज्ञानिकों ने भीषण गर्मी और लू के सीधे प्रभाव से बचने के लिए नागरिकों को दोपहर के समय अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही धूप में बाहर निकलने की सलाह दी है। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और विशेष रूप से बच्चों व बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखने को कहा है।
तपती गर्मी के बीच राहत की बात यह है कि हिमाचल प्रदेश में 28 मई के बाद मौसम एक बार फिर करवट बदल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 मई के आसपास क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने की संभावना बन रही है। इस नए सिस्टम के असर से प्रदेश के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाने, गरज-चमक होने और हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जिससे तापमान में दोबारा गिरावट आ सकती है।

















