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Himachal Tourism: भीषण गर्मी से बेहाल है उत्तर भारत, हिमाचल की वादियों में उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़

गर्मी से राहत पाने के लिए राज्य में पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। शिमला धर्मशाला कुल्लू-मनाली में हर रोज हजारों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं, जिससे मुख्य पर्यटन स्थलों पर ट्रैफिक का दबाव और होटलों की ऑक्यूपेंसी में भारी वृद्धि देखी जा रही है।
Himachal Tourism: भीषण गर्मी से बेहाल है उत्तर भारत, हिमाचल की वादियों में उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़

Himachal Tourism: उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। तेज धूप और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गर्मी से राहत पाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से लोग बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश के ठंडे इलाकों का रुख कर रहे हैं। विशेष रूप से मनाली और जिला कांगड़ा के मैक्लोडगंज और धर्मशाला पर्यटन स्थल पर्यटकों से गुलजार नजर आ रहे हैं।

दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा से हिमाचल पहुंचे पर्यटकों का कहना है कि उनके गृह नगरों में भीषण गर्मी पड़ रही है, जबकि हिमाचल का मौसम काफी सुहावना है। महाराष्ट्र से पहली बार हिमाचल पहुंची एक महिला पर्यटक ने बताया कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता और सुकून भरा वातावरण उन्हें इतना पसंद आया कि उनका वापस जाने का मन ही नहीं कर रहा है।

मैक्लोडगंज और धर्मशाला में उमड़ा सैलाब
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ने के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। इसके चलते मैक्लोडगंज, धर्मशाला और आसपास के मार्गों पर अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम देखा जा रहा है। धर्मशाला में 26 मई को होने वाले आईपीएल मुकाबले को लेकर भी क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और क्रिकेट फैंस की संख्या में भारी वृद्धि के कारण स्थानीय प्रशासन को भीड़ संभालने में मशक्कत करनी पड़ रही है।

हिमाचल भ्रमण पर आए सैलानी पहले देवी दर्शन कर रहे हैं और उसके बाद मैक्लोडगंज की हसीन वादियों का लुत्फ उठा रहे हैं। कुछ पर्यटक यहां एक सप्ताह तक रहने का प्लान बनाकर आए हैं, जबकि कुछ लोग केवल मैच और पर्यटन के उद्देश्य से पहुंचे हैं। पर्यटकों का कहना है कि देवभूमि में आकर उन्हें मानसिक शांति मिलती है।

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पर्यटकों का अनुभव और प्रशासन की चुनौतियां
चंडीगढ़ से मैक्लोडगंज घूमने आए एक महिला ग्रुप ने बताया कि उन्होंने पहले शक्तिपीठों में देवी के दर्शन किए और उसके बाद मैक्लोडगंज का रुख किया। संजू शर्मा, अनुराधा और रेणु दुग्गल का कहना था कि हिमाचल में गर्मी तो है, लेकिन मैदानी इलाकों के मुकाबले काफी कम है। छुट्टियों का समय होने के कारण भीड़ होना स्वाभाविक है, लेकिन यहां की वादियों का सुकून उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है।

उधर, मनाली की वादियों में इन दिनों सैलानियों का खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां मनाली में बारिश की फुहारें मौसम को खुशनुमा बना रही हैं, वहीं रोहतांग दर्रे की ऊंचाई पर पर्यटकों का स्वागत बर्फ के फाहे कर रहे हैं। भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल की इन वादियों की ओर रुख कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कुल्लू-मनाली में हर रोज 25 से 30 हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं।

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पर्यटकों की इस भारी आमद का असर स्थानीय व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। ग्रीन टैक्स बैरियर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बाहरी राज्यों से रोजाना करीब तीन हजार पर्यटक वाहन मनाली में प्रवेश कर रहे हैं। वाहनों की संख्या में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण मनाली और उसके आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या एक गंभीर चुनौती बन गई है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मनाली में सुबह और शाम के समय ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है, जबकि दिन के समय रोहतांग मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि यातायात पूरी तरह से ठप नहीं हो रहा है, लेकिन सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। इसका मुख्य कारण प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे नग्गर, कुल्लू, मणिकर्ण, सेंज और बंजार घाटी में सैलानियों का एक साथ पहुंचना बताया जा रहा है।

वीकेंड के दौरान स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। मनाली के होटल व्यवसायियों का कहना है कि सामान्य दिनों में होटलों की ऑक्यूपेंसी 80 से 85 प्रतिशत तक रहती है, जो शनिवार और रविवार को बढ़कर 95 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। अधिकांश स्तरीय होटल पहले ही एडवांस बुकिंग के कारण पैक चल रहे हैं। ऐसे में जो पर्यटक बिना पूर्व बुकिंग के मनाली पहुंच रहे हैं, उन्हें रहने के लिए उचित आवास खोजने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

दूसरी ओर, रोहतांग दर्रे की बर्फबारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां तीन से चार फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। मनाली से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रोहतांग को पर्यटक प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन यहां सीमित 1200 वाहनों के परमिट की शर्त पर्यटकों के लिए बड़ी बाधा बन गई है। परमिट न मिल पाने के कारण कई सैलानी मजबूरन बारालाचा और शिंकुला दर्रे की ओर रुख कर रहे हैं, जो मनाली से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

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पर्यटक रोहतांग में स्नो स्कूटर, स्नो स्लेज, स्नो ट्यूब, माउंटेन बाइक, घुड़सवारी और याक सफारी जैसी रोमांचक गतिविधियों का जमकर आनंद ले रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है, लेकिन बढ़ती संख्या के बीच यातायात प्रबंधन एक बड़ी परीक्षा बना हुआ है। यदि आप भी कुल्लू-मनाली की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो होटल की अग्रिम बुकिंग और परमिट की स्थिति की जांच करना आपके लिए अनिवार्य है।

वहीं, विदेशों से आए पर्यटकों ने भी हिमाचल की सुंदरता की सराहना की है। लंदन से आए कुछ पर्यटकों ने कहा कि वे शिमला में ट्रैकिंग के बाद अब रविवार को मनाली पहुंचे हैं और उसके बाद धर्मशाला में मंगलवार को होने वाले आईपीएल मैच का आनंद लेंगे। यूके से आई फाल्गुनी ने बताया कि यहां का नजारा अद्भुत है और स्थानीय लोग काफी सहयोगी हैं। हालांकि, कई मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ा है, लेकिन हिमाचल की सुंदरता के सामने यह छोटी बाधा मालूम होती है।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
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