Una News Today: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट क्षेत्र में वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की मुस्तैद टीम ने लग्जरी गाड़ी (स्कॉर्पियो) के जरिए हो रही खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को मौके पर पकड़ा है। वन विभाग ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन और अवैध लकड़ी को तुरंत जब्त कर लिया तथा आरोपियों को गगरेट पुलिस के हवाले कर दिया है।
मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार, रविवार तड़के करीब 2:30 बजे वन विभाग की एक विशेष टीम क्षेत्र में मुस्तैदी से गश्त पर थी। इस गश्ती टीम में वन खंड अधिकारी (गगरेट) नरेश कुमार और जाड़ला बीट के वन रक्षक विक्रांत कुमार शामिल थे। जब यह टीम जाड़ला कोइड़ी इलाके में मौजूद थी, तभी उन्हें वहां से एक स्कॉर्पियो गाड़ी संदिग्ध परिस्थितियों में गुजरती हुई दिखाई दी।
तड़के के समय लग्जरी गाड़ी की संदिग्ध आवाजाही को देखकर वन विभाग की टीम को शक हुआ। टीम ने बिना वक्त गंवाए गाड़ी को रोक लिया और उसकी गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो गाड़ी के अंदर से खैर की लकड़ी के 7 बड़े मौछे लदे हुए बरामद हुए। गाड़ी में दो लोग सवार थे जिनकी पहचान महिंद्र सिंह और हरमेश चंद के रूप में हुई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने जब गाड़ी में बैठे इन दोनों व्यक्तियों से रात के समय लकड़ी काटने और उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के वैध दस्तावेज या आधिकारिक परमिट दिखाने को कहा, तो वे कोई भी कागज पेश नहीं कर सके। बिना किसी वैध दस्तावेज के खैर की कीमती लकड़ी ले जाने के कारण यह साफ हो गया कि यह सीधे तौर पर वन संपदा की चोरी का मामला है।
अवैध तस्करी की पुष्टि होते ही वन विभाग ने तुरंत विभागीय कार्रवाई की और मामले की जानकारी देते हुए गगरेट पुलिस को मौके पर बुला लिया। सूचना मिलते ही एएसआई मोंटी गुलेरिया के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची।
वन विभाग की टीम ने जब्त की गई खैर की लकड़ी, स्कॉर्पियो वाहन और पकड़े गए दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने वन विभाग की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
इस सफल कार्रवाई के बाद डीएफओ ऊना ने आम जनता से पर्यावरण और मूल्यवान वन संपदा की रक्षा में सहयोग करने की विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति को क्षेत्र में कहीं भी पेड़ों के अवैध कटान, वन संपदा की चोरी या लकड़ी की किसी भी प्रकार की संदिग्ध आवाजाही की भनक लगती है, तो वह तुरंत वन विभाग या स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दे। डीएफओ ने जनता को पूरा भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले मुखबिर की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

















