Himachal Congress News Updates: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन के भीतर जारी आंतरिक कलह और बयानबाजी को रोकने के लिए पार्टी ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस अनुशासन समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए अनुशासन समिति के प्रमुख कुलदीप सिंह राठौर ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में पार्टी अनुशासन के मामलों में किसी भी प्रकार का ढुलमुल रवैया नहीं अपनाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इस अहम बैठक में वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान, आशीष बुटेल, लाहुल-स्पीति से कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा और नालागढ़ विधायक हरदीप बाबा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। वहीं, भवानी सिंह पठानिया ने वर्चुअल माध्यम से इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। राठौर ने स्पष्ट किया कि सभी सदस्यों की मौजूदगी में पार्टी संगठन को मजबूत करने और अंदरूनी कलह को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कई गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि अनुशासन समिति की इस पहली औपचारिक बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब कांग्रेस पार्टी का कोई भी पदाधिकारी या संगठन से जुड़ा हुआ कोई भी व्यक्ति मीडिया के सामने जाकर अपनी मर्जी से बयानबाजी नहीं करेगा। इसके साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किसी भी तरह की ऐसी टिप्पणी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जिससे पार्टी की छवि को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचता हो।
कुलदीप सिंह राठौर ने मीडिया के साथ बातचीत में इस नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही है। राठौर ने साफ तौर पर कहा कि पिछले काफी समय से मीडिया में ऐसी परिस्थितियां बन रही थीं, जहां पार्टी के पदाधिकारी आपस में ही एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। इस स्थिति पर लगाम लगाने के लिए अब एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता को सरकार से अथवा संगठन के किसी दूसरे पदाधिकारी से कोई भी शिकायत या मनमुटाव है, तो वह सीधे पार्टी अध्यक्ष या अनुशासन समिति के समक्ष अपनी बात लिखित रूप में रख सकता है।
पार्टी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि आंतरिक मंचों का उपयोग करने के बजाय अगर कोई भी व्यक्ति सीधे मीडिया में जाकर अपनी शिकायतें दर्ज कराता है या सार्वजनिक रूप से प्रेस वार्ता करता है, तो उसे सीधे तौर पर अनुशासनहीनता का मामला समझा जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ बिना किसी देरी के बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कुलदीप सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि संगठन के हितों से ऊपर कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता।
इसके अलावा, इस बैठक में एक और बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए पूर्व सीपीएस नीरज भारती को तत्काल प्रभाव से छह वर्ष के लिए कांग्रेस संगठन और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अनुशासन समिति ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई आवश्यक थी। इस बड़े निष्कासन के बाद हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के भीतर अन्य गुटों और बयानबाजी करने वाले नेताओं को भी एक स्पष्ट और कड़ा संदेश देने का प्रयास किया गया है।

















