Bilaspur Kulhadi Kand: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में कीरतपुर मनाली फोरलेन पर हुए सनसनीखेज कुल्हाड़ी कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिलासपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज 28 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी ने पुलिस को चकमा देने के लिए 24 घंटे में आठ अलग-अलग वाहन बदले थे, लेकिन पुलिस के चक्रव्यूह के आगे उसकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई और उसे धर दबोचा गया। उसके साथ वारदात में शामिल और सहयोग करने वाले अन्य 4 को भी हिरासत में लिया गया है।

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 8 जुलाई को सुबह लगभग 10 बजे मंडी-भराड़ी पुल के समीप सनी गिल नाम के व्यक्ति पर दो हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस थाना सदर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 352, 351(2) और 109 के तहत मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ी गई हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कई विशेष टीमों का गठन किया गया था। तफ्तीश में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए पहले से ही एक बेहद सुनियोजित योजना तैयार कर रखी थी। पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए उन्होंने मात्र 24 घंटे में 8 अलग-अलग वाहन बदले और मुख्य मार्गों के बजाय केवल लिंक रोड का ही इस्तेमाल किया ताकि वे सीसीटीवी कैमरों और पुलिस नाकों से बच सकें।
भागने के दौरान आरोपी बरठीं और कुल्लू के बंजार के घने जंगलों में छिपे रहे। इतना ही नहीं, तकनीकी निगरानी और लोकशन ट्रेस होने से बचने के लिए आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन भी पूरी तरह बंद कर दिए थे। इसके बावजूद, बिलासपुर पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, डिजिटल साक्ष्यों को जुटाया और तकनीकी विश्लेषण व सुदृढ़ खुफिया तंत्र के आधार पर लगातार पीछा करते हुए मात्र 28 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी तथा उसके साथी कुलभूषण ठाकुर को कुल्लू के बंजार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात की साजिश रचने में अन्य व्यक्तियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिन्होंने आरोपियों को छिपने के लिए जगह, वाहन और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई थी। इस सिलसिले में पुलिस ने धीरज धर्माणी, सूर्या चंदेल तथा अनिल कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से अनिल कुमार की गिरफ्तारी गुरुवार को हुई है, जबकि धीरज धर्माणी को घटना के दिन यानी 8 जुलाई को ही देर रात पकड़ लिया गया था। वारदात में धीरज धर्माणी की ही गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सौरभ पटियाल उर्फ फांदी घुमारवीं के नसवाल का रहने वाला है। इसके अलावा गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में कुलभूषण उर्फ लक्की निवासी तरेड़ (सदर बिलासपुर) और सूर्या चंदेल निवासी दड़ोलां (झंडूता) शामिल हैं। आरोपियों को पनाह देने और फरार होने में मदद करने वाले कार मालिक धीरज धर्माणी निवासी बाड़ी करंगोड़ा (घुमारवीं) और अनिल कुमार को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
वारदात के बाद की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद सौरभ और कुलभूषण दड़ोला में सूर्या के साथ मिलकर अनिल के घर पहुंचे थे। इसके बाद वे बरठीं से जंगल के रास्ते होते हुए बद्धाघाट गए। अनिल ने ही इन आरोपियों के भागने का पूरा रूट प्लान तैयार किया था। आरोपियों की योजना मनाली के रास्ते होते हुए लेह लद्दाख भागने की थी, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।
इस हमले में घायल हुए सनी गिल का इलाज इस समय एम्स अस्पताल में चल रहा है। घायल सनी गिल मूल रूप से पंजाब के लुधियाना का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि सनी गिल साल 2024 में बिलासपुर कोर्ट परिसर में सौरभ उर्फ फांदी पर गोली चलाने का आरोपी है, जिसके चलते इस हमले को पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
बता दें कि भराड़ी पुल पर 8 जुलाई को हुई इस वारदात के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। हमले में सनी गिल की बाईं टांग पर कुल्हाड़ी के पांच गहरे घाव आए हैं, जबकि दूसरी टांग, गर्दन और बाजू पर लोहे की रॉड से वार किए जाने के निशान हैं। एसपी अभिषेक धीमान ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहनता से जांच जारी है और कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


















