Mukhyamantri Apna Sukhi Parivar Yojana Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य से गरीबी उन्मूलन और आम जनमानस के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए “अपना सुखी परिवार योजना” लागू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत प्रदेश के 1.32 लाख सबसे गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली, वित्तीय सहायता और पक्के मकान दिए जाएंगे। बता दें कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस योजना की घोषणा वर्ष 2026-27 के बजट में की थी।
ऐसे में हिमाचल प्रदेश सरकार आगामी 15 अगस्त से राज्य में ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना’ को पूरी तरह लागू करने की व्यापक तैयारी में जुट हुई है। सुक्खू सरकार की योजना है कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कर-कमलों द्वारा कराया जाए। इस विशेष आयोजन के लिए उनसे समय मांगा गया है और उनकी अंतिम सहमति मिलने के बाद कार्यक्रम की आधिकारिक रूपरेखा तय कर दी जाएगी।

सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार का लक्ष्य इस योजना के तहत प्रदेश के सबसे गरीब 1.32 लाख परिवारों को सीधे तौर पर शामिल कर लाभ पहुंचाना है। इस योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थी परिवारों को हर महीने 300 यूनिट निश्शुल्क बिजली प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत महिलाओं को 1500 रुपये की मासिक सम्मान राशि दी जाएगी। जिन पात्र परिवारों के पास वर्तमान में कच्चे मकान हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से पक्के मकान के निर्माण के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस समय योजना को धरातल पर उतारने की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं और प्रशासनिक अधिकारी इसकी पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहे हैं। सरकार ने इस विशेष योजना के लिए कुल सात चरणों में राज्य के 1.32 लाख सबसे गरीब परिवारों का चयन पूरा किया है।
“अपना सुखी परिवार योजना” के लिए पात्र परिवारों की पहचान पूरी तरह से सामाजिक-आर्थिक मानकों के आधार पर की गई है, जिसमें मुख्य रूप से एकल नारी, दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित मुखिया वाले परिवारों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में बीपीएल श्रेणी के तहत चयनित एक लाख परिवारों को भी ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना’ में सीधे शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सामाजिक सुरक्षा योजना की आधिकारिक घोषणा वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट में की थी। सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सबसे जरूरतमंद और वंचित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वर्तमान व्यवस्था की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में अभी दो बिजली मीटरों पर 125 यूनिट निश्शुल्क बिजली प्रदान की जा रही है, जिसे अब इस योजना के माध्यम से और अधिक विस्तार दिया जा रहा है।
वहीं, विपक्षी दल भाजपा द्वारा कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को पूरा न करने के आरोपों को लेकर सरकार पर लगातार राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में प्रदेश सरकार इस नई योजना के जरिए अपनी दो प्रमुख गारंटियों को एक साथ लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्तमान में राज्य के भीतर इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत करीब 36 हजार महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जिसका दायरा अब काफी बढ़ जाएगा।
सिर पर छत का सपना पूरा करने के लिए सरकार ने 27,000 पात्र परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता देने का दृढ़ संकल्प लिया है। यह कदम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेघर परिवारों के लिए गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है। इन सभी परिवारों का चयन जिला प्रशासन के माध्यम से करवाए गए विस्तृत सर्वे के आधार पर किया गया है।

















