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अयोध्या राम मंदिर में चोरी के बाद हिमाचल सरकार ने देवभूमि के सभी मंदिरों के लिए जारी हुआ ये कड़े फरमान!

Himachal Pradesh Temple Rules: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी सभी मंदिरों में सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कड़े और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
Published on: 11 July 2026
Himachal Temple Donation Guidelines: अयोध्या राम मंदिर में चोरी के बाद हिमाचल सरकार ने देवभूमि के सभी मंदिरों के लिए जारी हुआ ये कड़े फरमान!

Himachal Temple Donation Guidelines:  हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के स्वामित्व और प्रबंधन वाले सभी मंदिरों के साथ-साथ अन्य धार्मिक स्थलों में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, अयोध्या राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे और दान की कथित चोरी तथा हेराफेरी के मामले को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

सरकार के नए आदेशों के तहत हिमाचल के सभी सरकारी प्रबंधन वाले मंदिरों को चढ़ावे, नकदी, गहनों और अन्य कीमती सामानों की सुरक्षा व्यवस्था की तुरंत समीक्षा करने और उसे मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि देश के एक प्रमुख मंदिर में हुई इस घटना से इंटरनल कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत सामने आई है।

इन आदेश में जिला मजिस्ट्रेटों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि जिन मंदिरों का नियंत्रण जिला प्रशासन या मंदिर ट्रस्टों के पास सीधे तौर पर नहीं है, वहां भी इसी तरह के कंट्रोल लागू किए जाएं। जो मंदिर अधिसूचित कमेटियों के दायरे में नहीं हैं, उनके प्रबंधन को भी श्रद्धालुओं का भरोसा जीतने के लिए ये उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नए नियमों के अनुसार, अब सभी दान पेटियां ऐसी बनाई जाएंगी जिनसे छेड़छाड़ न की जा सके और उन्हें मजबूती से स्थापित किया जाएगा। हर दान पेटी का एक विशिष्ट पहचान नंबर होगा और चाबियों के इस्तेमाल के लिए डुअल लॉक या मल्टी की सिस्टम लागू किया जाएगा। दान पेटियों को केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंजूर की गई तारीखों पर ही एक विशेष अधिसूचित समिति की मौजूदगी में खोला जाएगा, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य होगी।

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मंदिरों में आवाज रिकॉर्ड करने और नाइट विजन की सुविधा वाले हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे गर्भगृह, दानपात्र, गिनती कक्ष, और स्ट्रांग रूम सहित सभी महत्वपूर्ण जगहों को कवर करेंगे। सीसीटीवी फुटेज को कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा। इसके अलावा, गिनती के बाद एक कार्य दिवस के भीतर पूरी नकदी को तय बैंक खाते में जमा करना होगा और मंदिर परिसर में बड़ी मात्रा में कैश रखने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

विशेष परिस्थितियों और लिखित मंजूरी के बिना मंदिर परिसर में बड़ी मात्रा में नकदी रखने पर रोक रहेगी। बैंकों के साथ बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत की जाएगी और खातों की संख्या सीमित रखी जाएगी। सोने, चांदी, विदेशी मुद्रा और अन्य कीमती सामानों के लिए अलग-अलग डिजिटल और भौतिक रजिस्टर बनाए जाएंगे और उनकी त्रैमासिक तथा वार्षिक भौतिक जांच की जाएगी।

मंदिरों के कीमती सामान और आभूषणों की हर तिमाही में भौतिक जांच होगी और सालाना सत्यापन सरकार द्वारा नामित समिति करेगी। कैश और कीमती सामान संभालने वाले कर्मचारियों का समय-समय पर रोटेशन किया जाएगा और उनका पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्ट्रांग रूम में डबल लॉक की व्यवस्था होगी और वहां प्रवेश के लिए कम से कम दो अधिकृत अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी होगी।

किसी भी प्रकार की चोरी या अनियमितता की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस, डिप्टी कमिश्नर और विभाग के सचिव को देनी होगी। इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भाषा और संस्कृति विभाग के निदेशक को राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी बनाया गया है, और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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