Paper Leak Controversy: पेपर लीक को लेकर देशव्यापी आंदोलन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने NEET परीक्षा में बड़े प्रशासनिक, तकनीकी और ढांचागत सुधारों पर जोर दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि NEET प्रणाली को सशक्त करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सरकार की क्या तैयारी है।
इसी बीच केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार, 24 जुलाई को देश में आयोजित होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए एक अत्यंत सख्त ड्राफ्ट बिल को अपनी मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस संदर्भ में की गई घोषणा के महज कुछ ही घंटों बाद कैबिनेट द्वारा यह बड़ा प्रशासनिक और वैधानिक कदम उठाया गया है।

इस नए स्वीकृत ड्राफ्ट बिल के अंतर्गत संगठित अपराध के जरिए परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए बेहद कठोर सजा के नियम तय किए गए हैं। नकल के संगठित अपराध में शामिल पाए जाने वाले आरोपियों को 5 से 10 साल तक की जेल की सजा और कम से कम 10 करोड़ रुपये के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, सामान्य स्तर पर नकल या गलत तरीकों के इस्तेमाल पर 3 से 5 साल तक की कैद का नियम शामिल है।
बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET और NET जैसी प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के बाद देशव्यापी आक्रोश देखने को मिला था। इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने NTA के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, बर्खास्त किए गए कई अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और कानूनी मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पेपर लीक और परीक्षा तंत्र में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले छात्र पिछले एक महीने से अधिक समय से धरना दे रहे हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में जारी इस आंदोलन में परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी।
देश भर में मचे इस बवाल और छात्रों के भारी असंतोष के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी अहम फेरबदल किए गए हैं। सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है, जिन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है। साथ ही अगले एक महीने के भीतर NTA के संपूर्ण पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व केंद्र सरकार ने जून 2024 में पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 नोटिफाई किया था। इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे, बैंकिंग रिक्रूटमेंट एग्जाम और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस विधेयक को अगले हफ्ते संसद में पेश किया जा सकता है।


















