Prajasatta Side Scroll Menu
IEC University Bahra University - Shimla Hills

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कीलों वाली लाठियाँ, ‘पेलेट गन, इलेक्ट्रिक शॉक और एके-47 …’, CJI बोले- निष्पक्ष जांच होगी!

CJP प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश ने संविधान के तहत नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का हवाला देते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया
CJP Protest Supreme Court Hearing: CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: कीलों वाली लाठियाँ, 'पेलेट गन, इलेक्ट्रिक शॉक और एके-47 ...', CJI बोले- निष्पक्ष जांच होगी!

CJP Protest Supreme Court Hearing: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान देश के नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का पूर्ण अधिकार देता है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि अक्सर ऐसे प्रदर्शनों में कुछ बिना बुलाए मेहमान शामिल हो जाते हैं, जिनका मुख्य मकसद केवल माहौल बिगाड़ना होता है।

इस बीच पुलिस प्रशासन की ओर से भी याचिकाएं दाखिल की गईं, जिनमें अदालत को अवगत कराया गया कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में करीब 250 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। शीर्ष अदालत ने स्वीकार किया कि इस बात का सटीक निर्धारण करने के लिए कि छात्रों, पुलिस या बाहरी तत्वों में से किसने क्या किया, एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की सख्त जरूरत है।

सुनवाई के दौरान छात्रों का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकीलों गोपाल शंकरनारायणन, शादान फरासत और प्रशांत भूषणने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। वकीलों ने अदालत को बताया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा तय सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल की सरेआम अनदेखी की गई। छात्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन, इलेक्ट्रिकल शॉक गन, इलेक्ट्रिक बैटन और कीलों वाली लाठियों का प्रयोग किया गया।

इसके अलावा, सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज करने और कई वर्दीधारी पुलिसवालों के सीने पर नाम की पट्टी न होने की बात भी सामने रखी गई। याचिकाओं में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न को तत्काल रोकने की मांग उठाई गई। याचिकाकर्ताओं ने देश के विभिन्न राज्यों में घटी घटनाओं का ब्योरा शीर्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।

अदालत को सूचित किया गया कि पेलेट गन के घातक इस्तेमाल के कारण एक 19 वर्षीय युवक ने अपनी आंखों की रोशनी गंवा दी, जबकि एक घायल युवती गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती है। सुनवाई में बिहार से जुड़ी एके-47 की घटना और मुंबई से एक प्रदर्शनकारी को नशीले पदार्थों के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देने वाले वीडियो का उल्लेख किया गया।

इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी द्वारा महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो भी कोर्ट के ध्यान में लाया गया। पत्रकारों और वकीलों पर हुए हमलों तथा युवतियों से छेड़छाड़ के मामलों को रेखांकित करते हुए प्रशांत भूषण ने सांसद मनोज झा की याचिका का हवाला देकर जुनैद मलिक का मुद्दा भी उठाया।

मुख्य न्यायाधीश ने अपने वक्तव्य में कहा कि हालांकि अनीता ठाकुर जैसे पूर्व मामलों में सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट फैसले मौजूद हैं, लेकिन बदलते समय और परिस्थितियों के मद्देनजर पुलिस प्रोटोकॉल की समीक्षा करना आवश्यक हो गया है। CJI ने सख्त रुख अपनाते हुए दोहराया कि ‘जिसने भी अत्यधिक बल का प्रयोग किया है या ज्यादती की है, उसकी जांच होनी चाहिए।

‘ जांच प्रक्रिया के संदर्भ में प्रशांत भूषण ने दो पूर्व मुख्य न्यायाधीशों के नामों का सुझाव दिया, जिस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच की रूपरेखा और तरीका CJI स्वयं तय करें। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए एक निष्पक्ष जांच आयोग गठित किया जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों को जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने इन राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश जारी किए हैं कि वे घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज, पुलिस लॉग बुक और प्रासंगिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जुनैद मलिक से जुड़े मामले पर सुनवाई कल की जाएगी, जबकि अन्य सभी संबंधित याचिकाओं पर अगली सुनवाई आगामी सोमवार को निर्धारित की गई है।

Kullu Dussehra 2026 Celebration Kullu Dussehra 2026 Celebration
CJI HearingCJP ProtestPellet GunsPolice ActionSupreme Court

Join WhatsApp

Join Now