Chamba Flash Flood News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से आफत का सिलसिला लगातार जारी है। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में चंबा जिला मुख्यालय से सटे सुल्तानपुर वार्ड में मंगलवार तड़के भारी बारिश के बाद अचानक आए फ्लैश फ्लड ने भीषण तबाही मचाई है।
जानकारी के मुताबिक सुल्तानपुर वार्ड में सुबह करीब 3 बजे नाले में अचानक पानी का स्तर बेहद तेजी से बढ़ गया। पहाड़ों से आए तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में मलबा और पानी सीधे रिहायशी इलाके में घुस गया। देखते ही देखते कई घरों के भीतर नाले का गंदा पानी और कीचड़ भर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि मार्ग में खड़ी कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं और मलबे में दब गईं।

घने अंधेरे और तेज बारिश के बीच जैसे ही स्थानीय लोगों ने पानी के भीषण शोर और मलबे के बहाव की आवाज सुनी, वे तुरंत सजग हो गए। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए लोगों ने बिना देर किए तुरंत अपने-अपने घरों को छोड़ दिया और सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तड़के करीब 3 बजे जब बारिश का दौर तेज हुआ, तब नाले से आने वाली भयानक आवाज़ों ने हर किसी को डरा दिया था। लोगों की इस तत्परता की वजह से इतने बड़े हादसे के बावजूद गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
फ्लैश फ्लड के साथ आए मलबे और पानी के प्रचंड वेग ने स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। बहाव के साथ नाले के समीप खड़ी एक जेसीबी मशीन असंतुलित होकर नाले में जा गिरी, जबकि कई दोपहिया वाहन और मोटरसाइकिलें मलबे के नीचे पूरी तरह से दफन हो गईं। इसके अलावा क्षेत्र की सड़कें कई जगहों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि “फ्लैश फ्लड के कारण सुल्तानपुर के नाले में भारी पानी आया है, जिससे कुछ घरों में नाले का पानी घुस गया, कई गाड़ियां फ्लैश फ्लड की चपेट में आ गई हैं। हालांकि जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत कार्य के निर्देश जारी किए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया गया है। प्रशासन की ओर से एक टीम बनाई गई है, जो घटनास्थल का जायजा लेगी और उसके बाद जो भी प्रशासनिक सहायता होगी वो पीड़ित परिवारों को दी जाएगी।” फिलहाल क्षेत्र में नुकसान का आकलन किया जा रहा है और बाधित सड़कों से मलबा हटाकर व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी हैं।


















