Kullu News: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने बंजार उपमंडल की फलाचन घाटी में एक बार फिर तबाही मचाई है। गत रात्रि ग्राम पंचायत मशियार के अंतर्गत फ़लांचन नदी और घलिंगचा नाला में आए तेज बहाव से एक स्थायी पुल तथा दो अस्थायी पुलिया पूरी तरह बह गई हैं, जो गत वर्ष भी यहां पर बना एक वैली ब्रिज और कई पुल पुलिया बाढ़ की चपेट में आ गए थे।
इसके चलते मशियार, कमेडा, मझली और थानेगढ़ सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोगों का संपर्क प्रभावित हो गया है। अब लोगों के पास नदी पार करने के लिए केवल तार स्पेन झूला ही एकमात्र सहारा बचा है। गौरतलब है कि फलाचन वैली युवक मंडल, मशियार ने इस गंभीर समस्या को लेकर 1 अगस्त 2026 को उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल अस्थायी सुरक्षा उपाय करने और स्थायी पुल के निर्माण की मांग की थी। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि दोगडा स्थान पर बनी जर्जर लकड़ी की डिफी किसी भी समय बह सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है।

युवक मंडल ने बताया था कि यह डिफी केवल लकड़ी के एक पाज के सहारे बनी थी, जिस पर न रेलिंग थी और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था। प्रतिदिन सुबह दूध बेचने वाली महिलाएं, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, किसान और मरीज अपनी जान जोखिम में डालकर इसी रास्ते से नदी पार करने को मजबूर थे। युवक मंडल ने प्रशासन से पांच दिनों के भीतर मजबूत लकड़ी के फट्टे लगाने, दोनों ओर रेलिंग बनाने तथा स्थायी पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से तुरंत प्रस्ताव भेजकर बजट स्वीकृत कराने की मांग की थी।
इस मुद्दे को लोगों ने प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया में भी प्रमुखता से उठाया जिसमें ग्रामीणों की जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी को उजागर किया गया था। लेकिन पिछली रात हुई भारी बारिश ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। तेज बहाव में एक स्थायी पुल और दो अस्थायी पुलिया बह गईं, जिससे पूरे क्षेत्र की आवाजाही लगभग ठप हो गई।
अब क्षेत्र के लोगों को केवल तार स्पेन झूले के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। ऐसे में स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों के लिए हर दिन खतरे से भरा साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते और स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
फलाचन वैली युवक मंडल ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से पुनः आग्रह किया है कि इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और स्थायी पुल निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाए।
लोक निर्माण विभाग बंजार के सहायक अभियंता राजेश कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि दोगडा नामक स्थान पर फलाचन नदी के ऊपर वाहन योग्य पुल बनाया जा रहा है, जिसकी स्वीकृति पीएम जीएसवाई चरण चार के तहत मिल चुकी है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं हुई है, जिसमें कुछ समय लग सकता है। इन्होंने बताया नदी का जलस्तर घटने पर अस्थाई पुल निर्माण और अन्य सुरक्षा उपाय किए जाएंगे जबकि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात ही स्थाई पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों मोती राम, पूर्ण चंद, भाग सिंह, सुरेन्द्र सिंह, तेजस्वी ठाकुर, राम सिंह, अमर भारती, टिकम राम आदि का कहना है कि यह केवल एक पुल का मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान किसी भी समय बड़ी जनहानि हो सकती है। इसलिए प्रशासन को बिना किसी विलंब के आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि फलाचन घाटी के लोगों की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु रूप से बहाल हो सके।


















