HP Monsoon Session: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सत्ताधारी दल कांग्रेस और विपक्ष भाजपा के बीच तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के विधायकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा के अंदर मॉनसून सत्र की शुरुआत के दौरान बीजेपी विधायकों ने राष्ट्रगान का अपमान किया है।
इस पूरी घटना पर सीएम सुक्खू ने गहरा अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि राज्य की विधानसभा में राष्ट्रीय प्रतीकों का इस तरह अपमान करना एक बेहद गलत मिसाल कायम करता है। दरअसल, सदन के भीतर यह पूरा विवाद और टकराव राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन और उसके निश्चित क्रम को लेकर शुरू हुआ।

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सुक्खू ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रगीत को लेकर जानबूझकर यह विवाद खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की एक सोची-समझी रणनीति थी ताकि राज्य के मुख्य और अहम मुद्दों, जैसे कि पेपर लीक मामले, कथित भ्रष्टाचार और विपक्ष से जुड़े चंदे में गड़बड़ी से आम जनता का ध्यान पूरी तरह भटकाया जा सके।
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बेहद अफ़सोस की बात है कि आज भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने सदन के भीतर राष्ट्रगान का अपमान किया। हमें इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि बीजेपी राष्ट्रगान जैसी पवित्र चीज़ का अपमान करेगी।”
सुक्खू ने बताया कि जब सदन में हंगामा बढ़ रहा था, तब विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विपक्षी सदस्यों को शांत कराने और तय प्रक्रिया के क्रम के बारे में समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बीजेपी विधायकों ने उनके स्पष्टीकरण को मानने से साफ़ इनकार कर दिया। इसके बावजूद अध्यक्ष ने राष्ट्रगान का गायन जारी रखा।
संसदीय नियमों और प्रोटोकॉल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि आम परंपरा के अनुसार पहले राष्ट्रगान गाया जाता है और उसके बाद ही राष्ट्रगीत का गायन होता है। उन्होंने बताया कि हिमाचल विधानसभा की व्यवस्था में भी राष्ट्रगान के बाद ही ‘वंदे मातरम’ का गाया जाना पूरी तरह तय था। कांग्रेस पार्टी का रुख साफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रगीत का दिल से बहुत सम्मान करती है और अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में नियमित रूप से इसे गाती है।
विपक्षी विधायकों की इस हरकत को संसदीय अपराध करार देते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि न तो राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी को और न ही उसकी हिमाचल प्रदेश इकाई को राष्ट्रगान का अपमान करने का कोई अधिकार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का फैसला अब राज्य की जनता करेगी।
सदन के अंदर हुए इस हंगामे के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी सरकार के मंत्रियों और विधायकों के साथ मिलकर विधानसभा परिसर के बाहर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
बता दें कि मॉनसून सत्र के पहले ही दिन सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी के बीच हुई इस तीखी नोक-झोंक के कारण कार्यवाही बुरी तरह बाधित रही। आने वाले दिनों में सत्र के दौरान कई विवादास्पद प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होनी बाकी है, जिससे यह साफ है कि सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और अधिक बढ़ सकता है।


















