Ludhiana Police Encounter: पंजाब के लुधियाना में पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को एक बड़ी सफलता मिली है। रविवार (13 सितंबर) को पुलिस और हथियारबंद बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो संदिग्ध शूटर मारे गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मारे गए दोनों आरोपी कुख्यात गैंगस्टर डोनी बाल के गैंग से जुड़े थे। वे शहर में आयोजित एक रक्तदान शिविर के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी करने की फिराक में थे।
हालांकि, खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बेहद गंभीर और बड़ा हमला टल गया। लुधियाना पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुठभेड़ खत्म होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल से तीन अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पिस्तौल और करीब 50 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
रक्तदान शिविर के समीप रची जा रही थी हमले की साजिश
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को खुफिया एजेंसियों से सटीक इनपुट मिला था। सूचना यह थी कि कुछ भारी हथियारों से लैस बदमाश एक रक्तदान शिविर को निशाना बनाने की फिराक में हैं। यह रक्तदान शिविर डुगरी रोड स्थित मैरीलैंड पैलेस में पूर्व सरपंच रवि ख्वाजके की याद में आयोजित किया गया था।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जिस स्थान पर मुठभेड़ हुई, वह इस आयोजन स्थल से महज आधा किलोमीटर दूर था। उल्लेखनीय है कि पूर्व सरपंच रवि ख्वाजके की वर्ष 2016 में गैंगवार से जुड़ी आपसी रंजिश के तहत हत्या कर दी गई थी। उसी घटना की स्मृति में रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस पर बदमाशों ने की अंधाधुंध फायरिंग
हमले की साजिश की खबर मिलते ही पुलिस और एजीटीएफ ने आतम पार्क के पास अंडरब्रिज पर विशेष नाकाबंदी की। नाकेबंदी के दौरान पुलिस टीम को एक बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध सवार आते हुए दिखाई दिए। जब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने गाड़ी रोकने के बजाय तेजी से भागने का प्रयास किया।
भागते ही बदमाशों ने पुलिस की पीछा कर रही टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पीछा किए जाने के दौरान बदमाशों ने लगातार कई राउंड गोलियां चलाईं। इस अचानक हुई गोलीबारी में पुलिस की एक आधिकारिक गाड़ी पर दो गोलियां भी लगीं।
जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर ढेर, हथियारों का जखीरा जब्त
पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि बदमाशों द्वारा किए गए जानलेवा हमले के जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। दोनों तरफ से हुई इस फायरिंग में दोनों हथियारबंद बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। मारे गए आरोपियों की पहचान करनजोत सिंह उर्फ नोना और संदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों आरोपी अमृतसर के सुल्तानविंड रोड इलाके के निवासी बताए गए हैं। मुठभेड़ स्थल से बरामद तीन ऑटोमैटिक पिस्तौल और 50 जिंदा कारतूसों को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
डोनी बाल गैंग से संबंध और आपराधिक पृष्ठभूमि
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने दावा किया है कि दोनों मृत शूटर सीधे तौर पर गैंगस्टर डोनी बाल के संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि करनजोत सिंह उर्फ नोना एक घोषित हिस्ट्रीशीटर था, जिसके खिलाफ पहले से ही आर्म्स एक्ट, डकैती और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दो संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं, दूसरे मृत आरोपी संदीप सिंह के खिलाफ भी एक आपराधिक मामला दर्ज पाया गया है।
नेटवर्क ध्वस्त करने में जुटी पुलिस की टीम
मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। बरामद अत्याधुनिक हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच केवल इन दोनों शूटरों तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खूनी साजिश का मुख्य सूत्रधार कौन था, हथियारों की खेप कहां से मुहैया कराई गई थी और इस नेटवर्क में गैंग के और कितने सदस्य शामिल हैं।


















