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Nag Panchami Punja 2025: सांपों की पूजा का विशेष दिन नाग पंचमी? जानिए महत्व, पूजा विधि और मंत्र.!

Nag Panchami Punja 2025: सांपों की पूजा का विशेष दिन नाग पंचमी? जानिए महत्व, पूजा विधि और मंत्र.!

Nag Panchami Punja 2025: हिंदू धर्म में नाग पंचमी सांपों की पूजा का विशेष दिन है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नाग देवताओं की पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नाग देवताओं को भगवान शिव का अनुचर (गण) भी माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि नाग पंचमी का महत्व प्राचीन भारतीय परंपराओं और ग्रंथों में गहराई से निहित है। हिंदू धर्म में सांपों को न केवल प्रकृति का हिस्सा माना जाता है, बल्कि वे शिव, विष्णु और अन्य देवताओं से भी जुड़े हैं। विशेष रूप से, भगवान शिव के गले में लिपटे नाग को शक्ति और रक्षा का प्रतीक माना जाता है।

वहीँ पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु क्षीरसागर (दूध के समान महासागर) में शेषनाग की शयन पर विश्राम करते हैं, जहां वे योगनिद्रा में लीन रहते हैं। शेषनाग को भगवान विष्णु का वाहन और मददगार माना जाता है। धार्मिक मानयताओं के अनुसार वह ब्रह्मांड को संभालता है और विष्णु को आराम करने की जगह देता है।

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हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, नागों को पाताल लोक के देवता माना गया है और वहां सभी सांपों का वास होता है। ऐसा विश्वास है कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से काल सर्प दोष दूर होता है और सांपों का भय खत्म हो जाता है। इस दिन लोग नागराज वासुकी की पूजा करते हैं जो भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं।

इस वर्ष नाग पंचमी 29 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त विधि-विधान से नाग देवताओं की पूजा कर अत्यधिक शुभ परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

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Nag Panchami Punja 2025: तिथि और समय

  • पंचमी तिथि शुरू: 28 जुलाई 2025, रात 11:24 बजे
  • पंचमी तिथि समाप्त: 30 जुलाई 2025, रात 12:46 बजे
  • पूजा मुहूर्त: 29 जुलाई 2025, सुबह 5:41 से सुबह 8:23 तक

जानिए Nag Panchami Punja पूजा विधि

  • सबसे पहले सवेरे जल्दी उठकर स्नान करते हैं।
  • फिर दीवारों या कागज पर कोयले से सांप का चित्र बनाते हैं।
  • हल्दी, कुमकुम, फूल और मिठाई चढ़ाते हैं।
  • सांपों को दूध और खीर अर्पित की जाती है।
  • कुछ लोग सांपों को सच में दूध पिलाने के लिए सपेरों की मदद लेते हैं।
  • चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाया जाता है और शिवलिंग का अभिषेक भी किया जाता है।

Nag Panchami Punja के लिए महत्वपूर्ण मंत्र

  • ॐ सर्पेभ्यो नमः।।
  • ॐ नमः शिवाय।।
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

नाग पंचमी सांपों के प्रति श्रद्धा, प्रकृति के संतुलन और शिव भक्ति का प्रतीक है। नाग पंचमी के दिन की गई पूजा से जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा की प्राप्ति मानी जाती है।

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Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा प्रजासत्ता नहीं करता।

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