Shell Electric Car: इलेक्ट्रिक वाहनों के वैश्विक बाजार में इस समय सबसे तेज और सुरक्षित चार्जिंग तकनीक को लेकर ऑटो कंपनियों के बीच जबरदस्त होड़ मची हुई है। इसी बीच ब्रिटिश तेल दिग्गज कंपनी शैल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी नई इलेक्ट्रिक कार का प्रदर्शन किया है। कंपनी का दावा है कि यह कार सिर्फ 10 मिनट की चार्जिंग में लगभग 320 किलोमीटर तक का सफर तय करने में पूरी तरह सक्षम है। शैल द्वारा तैयार की गई इस अत्याधुनिक कार को ‘ट्रिपल टेन चैलेंज’ नाम दिया गया है।
फिलहाल यह एक ‘प्रूफ ऑफ कांसेप्ट’ कार है, जिसे एक प्रयोग के तौर पर दुनिया के सामने लाया गया है। इस कार को बनाने का मुख्य उद्देश्य वाहन उद्योग को यह दिखाना है कि छोटी और वजन में हल्की इलेक्ट्रिक कारों को बेहद कम समय में सुरक्षित तरीके से चार्ज किया जा सकता है। तेल और गैस कारोबार के लिए मशहूर Shell अब इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में भी कदम रखता नजर आ रहा है। कंपनी ने Triple 10 Challenge नाम का एक नया इलेक्ट्रिक कार कॉन्सेप्ट पेश किया है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Shell का कहना है कि यह कॉन्सेप्ट भविष्य की इलेक्ट्रिक कारों के लिए नई डिजाइन सोच को बढ़ावा देने के मकसद से तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इस EV को हल्के वजन, कम बैटरी क्षमता और तेज चार्जिंग जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। Shell के अनुसार, Triple 10 Challenge एक कॉम्पैक्ट 5-डोर हैचबैक कॉन्सेप्ट है। इसमें डिजिटल साइड मिरर्स, फ्लश डोर हैंडल्स, फुल-विड्थ LED लाइट बार और मिनिमलिस्ट इंटीरियर दिया गया है।
कंपनी का कहना है कि इसमें हल्के मटेरियल और रिसाइक्लेबल कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसकी लाइफसाइकल कार्बन एमिशन को कम करने में मदद मिल सकती है। Triple 10 Challenge नाम के पीछे भी तीन खास लक्ष्य हैं। कंपनी के मुताबिक, यह कॉन्सेप्ट 10km/kWh की एनर्जी एफिशिएंसी, 10 टन CO2e लाइफसाइकल फुटप्रिंट और 10 मिनट से कम समय में चार्जिंग के लक्ष्य पर आधारित है। Shell का दावा है कि इसकी बैटरी 175kW DC फास्ट चार्जर की मदद से 10% से 80% तक सिर्फ 9.54 मिनट में चार्ज हो सकती है।
कंपनी ने यह भी दावा किया है कि इस कॉन्सेप्ट में नया सिंगल-सर्किट कूलिंग आर्किटेक्चर इस्तेमाल किया गया है, जो बैटरी और पूरे पावरट्रेन का तापमान बेहतर तरीके से मैनेज कर सकता है। Shell के मुताबिक, यह सिस्टम तेज चार्जिंग के दौरान भी बेहतर थर्मल कंट्रोल बनाए रखने में सक्षम है। इस इलेक्ट्रिक कार कॉन्सेप्ट की सबसे खास बात Shell का नया Recharge Thermal Fluid है। कंपनी का कहना है कि यह डाइइलेक्ट्रिक लिक्विड बैटरी के लिए डायरेक्ट इमर्शन कूलिंग और मोटर व पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कंपोनेंट्स के लिए इनडायरेक्ट कूलिंग उपलब्ध कराता है।
Shell के अनुसार, इससे तेज चार्जिंग, हल्का सिस्टम और बेहतर एफिशिएंसी हासिल करने में मदद मिल सकती है। वर्तमान में ईवी मार्केट का सबसे बड़ा मुकाबला चार्जिंग के समय को घटाने और बैटरी को सुरक्षित रखने पर टिका है। शैल की इस घोषणा के बाद ग्लोबल मार्केट में हलचल तेज हो गई है, जहां कई दिग्गज कंपनियां पहले से ही अपनी एडवांस तकनीक का दावा कर रही हैं। चीन की प्रमुख ऑटो और बैटरी निर्माता कंपनियां जैसे बीवाईडी (BYD) और सीएटीएल (CATL) पहले ही बाजार में यह दावा कर चुकी हैं कि उनके पास ऐसी उन्नत बैटरियां मौजूद हैं जो महज 10 मिनट में फुल चार्ज हो सकती हैं।
इसके अलावा जापानी ऑटोमोबाइल दिग्गज टोयोटा भी इस रेस में पीछे नहीं है। कंपनी वर्तमान में एक ऐसी सॉलिड-स्टेट बैटरी तकनीक पर काम कर रही है, जो मात्र 10 मिनट की चार्जिंग में 1000 किलोमीटर की अविश्वसनीय रेंज प्रदान करेगी। इसके साथ ही फिनलैंड की एक उभरती हुई स्टार्टअप कंपनी ‘डोनट लैब’ ने भी अपनी ‘लिक्विड-फ्री’ (Liquid-free) बैटरी तकनीक से सबको चौंका दिया है। कंपनी का दावा है कि उनकी यह खास बैटरी सिर्फ 5 मिनट की चार्जिंग में 80 फीसदी तक चार्ज हो सकती है।
शैल की ‘ट्रिपल टेन चैलेंज’ कार ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य में भारी-भरकम बैटरियों के बजाय हल्की और तेज चार्ज होने वाली गाड़ियां ईवी सेक्टर की तस्वीर बदल सकती हैं। फिलहाल Triple 10 Challenge सिर्फ एक कॉन्सेप्ट मॉडल है और कंपनी ने इसके प्रोडक्शन या लॉन्च को लेकर कोई जानकारी शेयर नहीं की है। हालांकि, Shell का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए वह भविष्य की इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी और बैटरी कूलिंग सिस्टम पर नए सॉल्यूशन डेवलप करने की दिशा में काम कर रही है।
















