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हिमाचल में सोशल मीडिया पर चलेगा सरकार का ‘चाबुक’, भ्रामक खबरों पर रोक के लिए 15 दिन में बनेंगे कड़े नियम

Himachal News: राज्य सरकार और मंत्रियों के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर चलाए जा रहे एजेंडा आधारित दुष्प्रचार को रोकने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने कड़ा रुख अपनाया है और अधिकारियों को नया खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
Published on: 1 July 2026
Himachal Govt Social Media Rules: हिमाचल में सोशल मीडिया पर चलेगा सरकार का 'चाबुक', भ्रामक खबरों पर रोक के लिए 15 दिन में बनेंगे कड़े नियम

Himachal Govt Social Media Rules: राज्य सरकार और मंत्रियों के खिलाफ इंटरनेट मीडिया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से किए जा रहे कथित दुष्प्रचार को लेकर हिमाचल सरकार ने अब बेहद सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस गंभीर मुद्दे पर मंगलवार को शिमला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मंत्रिमंडलीय उपसमिति की थी, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की।

इस उच्च स्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री के अलावा उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान और राज्य लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही गतिविधियों और सरकार की छवि को प्रभावित करने वाले तत्वों पर गहनता से चर्चा की गई और भविष्य की रणनीति तय की गई।

सरकार का स्पष्ट मानना है कि कुछ तत्व इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विशेष एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य सरकार की छवि को धूमिल करना है। बैठक में यह बात सामने आई कि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर न तो किसी प्रकार का पंजीकरण है और न ही इन पर किसी का नियंत्रण है, जिसका फायदा उठाया जा रहा है।

इन चैनलों पर अंकुश न होने के कारण कुछ लोग सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विभिन्न गतिविधियों के बारे में लगातार भ्रामक या गलत जानकारी फैलाने का कार्य कर रहे हैं। इस तरह के सुनियोजित दुष्प्रचार को रोकने के लिए सरकार अब कानूनी प्रविधानों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि इन अनियंत्रित प्लेटफॉर्मों और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को कैसे कानून के दायरे में लाया जाए। इस प्रक्रिया के दौरान माननीय सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों और देश के मौजूदा कानूनी प्रविधानों को भी पूरी तरह से ध्यान में रखा गया है ताकि नियम सुदृढ़ हों।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस पूरे विषय पर एक ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा है, ताकि भ्रामक सामग्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए अगले पंद्रह दिनों के भीतर नए नियम बनाए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि प्रिंट मीडिया और उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म वर्तमान में सभी कानूनी दायित्वों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। इसके विपरीत, इंटरनेट मीडिया पर कुछ एजेंडा आधारित गतिविधियां बिना किसी जवाबदेही के चल रही हैं, जिन पर लगाम लगाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार इंटरनेट मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूरी तरह से सम्मान करती है। हालांकि, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में भ्रामक और दुष्प्रचार वाली सामग्री को परोसने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए एक मजबूत कानूनी व्यवस्था जरूरी है और कमेटी इसके सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। यह मंत्रिमंडलीय उपसमिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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