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सरकार ने नहीं सुनी पुकार तो पूर्व सैनिकों ने 3 लाख खर्च कर बनवा दी अपने गाँव को सड़क

सरकार ने नहीं सुनी पुकार तो पूर्व सैनिकों ने 3 लाख खर्च कर बनवा दी अपने गाँव को सड़क
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सुभाष गौतम|
हिमाचल प्रदेश बिलासपुर जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते सरयूण चलैहली गांव में सरकार द्वारा अनेदखी किए जाने पर एक पूर्व सैनिकों ने खुद ही लाखों रूपये खर्च कर ढ़ाई किलोमीटर तक लम्बी सड़क का निर्माण करवा दिया। जिससे उन्होंने विकास के दावे करने वाली सरकारों और उनके नेताओं को एक बार फिर आईना दिखा दिया है|

वहीं, इस मामले पर पूर्व सैनिक राजेश कुमार ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव जमथलीघाट, बाहन, सिंबलू और प्लान के लोगों को आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क से नहीं जोड़ा गया था। उन्होंने बताया कि लोग कांग्रेस और भाजपा सरकारों से सड़क बनाने की मांग करते रहे। इतना ही नहीं कई बार सड़क बनाने के प्रयास भी हुए लेकिन हर बार कोई ना कोई अड़चन आने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

उन्होंने बताया कि बीमार होने की स्थिति में मरीजों को पालकी में अस्पताल पहुंचाना पड़ता था। इतना ही नहीं समय पर अस्पताल न पहुंचने पर तीन से चार लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। इन में एक पूर्व सैनिक सरवन कुमार भी थे। राजेश ठाकुर ने बताया कि वह कई बार केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर तथा मुख्यमंत्री को भी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

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बता दें कि इन चार गांवों में सड़क बनाने का बीड़ा जमथलीघाट के पूर्व सैनिक रमेश चंद ने उठाया। जिसका निर्माण कार्य हिडिंबा देवी मंदिर से शुरू किया गया। लेकिन इस बीच कुछ जमीनी विवाद होने के कारण निर्माण कार्य रूक गया। इस दौरान भारी बारिश के कारण जगह-जगह डंगे गिर गए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया। ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने खुद पत्थरों को तोड़ा और सड़क को बनाया। जेसीबी का खर्चा भी खुद उठाया।

वहीं, इस मामले पर विधायक सुभाष ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा के मानसून सत्र का समापन होने के बाद वह मौके का मुआयना करेंगे। अगर उनसे मिलने के लिए उक्त गांवों के लोग आते हैं तो उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।

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