USD to INR Exchange Rate Today: भारतीय रुपये की सेहत में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 74 पैसे टूटकर 94.70 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर जा पहुँचा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव का कोई हल न निकल पाना इसकी मुख्य वजह है। इन वैश्विक हालातों के कारण डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है, जिसका सीधा असर हमारी स्थानीय मुद्रा पर पड़ रहा है।
रुपये की इस कमजोरी के पीछे केवल बाहरी कारण ही नहीं, बल्कि घरेलू शेयर बाजार की हलचल भी जिम्मेदार है। विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाले जाने (बिकवाली) ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। शुक्रवार को बाजार खुलते ही रुपया गिरावट के साथ 94.18 पर था, जो देखते ही देखते 94.70 तक लुढ़क गया। इससे पहले बुधवार को भी रुपया 93.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
बाजार के अन्य आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला ‘डॉलर इंडेक्स’ बढ़कर 99.67 पर पहुँच गया है। वहीं, कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत फिलहाल 107.1 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। शेयर बाजार में भी इस गिरावट का असर साफ दिखा, जहाँ सेंसेक्स और निफ्टी भारी घाटे के साथ कारोबार कर रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बीते बुधवार को ही बाजार से करीब 1,805 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की थी, जिसने रुपये पर दबाव और बढ़ा दिया।





















