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LPG Supply: राज्यों को अब पहले से ज्यादा मिलेगी गैस! 23 मार्च से बढ़ेगा LPG आवंटन, जानें किसे मिलेगी प्राथमिकता?

LPG Allocation increased: केंद्र सरकार ने 23 मार्च 2026 से राज्यों के लिए कमर्शियल गैस आवंटन बढ़ाकर 50% करने का बड़ा फैसला लिया है। होटल, ढाबे, डेयरी और प्रवासी मजदूरों को अब प्राथमिकता के आधार पर गैस मिलेगी। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
Published on: 22 March 2026
LPG Supply: राज्यों को अब पहले से ज्यादा मिलेगी गैस! 23 मार्च से बढ़ेगा LPG आवंटन, जानें किसे मिलेगी प्राथमिकता?

LPG Supply News India: देश में पिछले कुछ दिनों से गैस की किल्लत की वजह से जो परेशानी बनी हुई थी, उसे दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एलपीजी (LPG) का कोटा बढ़ाने का फैसला किया है।

पेट्रोलियम सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने इस बारे में सभी राज्यों को जानकारी दी है कि 23 मार्च 2026 से गैस की सप्लाई में 20% का इजाफा किया जा रहा है। इस बढ़ोतरी के बाद अब कुल सप्लाई संकट शुरू होने से पहले वाले लेवल के 50% तक पहुँच जाएगी। यह अतिरिक्त गैस सप्लाई मुख्य रूप से उन जगहों के लिए है जहाँ खाने-पीने और जरूरी सेवाओं का काम होता है।

सरकार ने साफ किया है कि इस एक्स्ट्रा कोटे का फायदा सबसे पहले होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, इंडस्ट्रियल कैंटीन, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को दिया जाएगा। इसके अलावा, गरीबों और मजदूरों के लिए चलने वाली कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों को मिलने वाले 5 किलो के छोटे सिलेंडरों (FTL) को भी प्राथमिकता मिलेगी। प्रशासन इस बात पर भी कड़ी नजर रखेगा कि इस गैस का कहीं गलत इस्तेमाल या कालाबाजारी न हो।

हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को कुछ नियम मानने होंगे। सबसे पहले उन्हें तेल कंपनियों (OMCs) के साथ अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही, उन्हें अपने शहर की गैस वितरण कंपनी के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के लिए भी अप्लाई करना होगा, ताकि भविष्य में वे पूरी तरह से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकें।

गैस संकट की एक बड़ी वजह यह है कि भारत अपनी जरूरत की 60% एलपीजी विदेशों से मंगाता है, जिसमें से ज्यादातर हिस्सा पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) से आता था। हाल के दिनों में वहां से आने वाली सप्लाई में काफी कमी आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय में पश्चिम एशिया से आने वाली गैस की मात्रा में बड़ी गिरावट देखी गई है।

S&P कमोडिटीज एट सी (CAS) के आंकड़ों से पता चलता है कि 19 मार्च को समाप्त हुए हफ्ते में वहां से केवल 89,000 टन गैस ही आई। यह सप्लाई का स्तर जनवरी 2026 के बाद से अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड किया गया है, जो एक बड़ी कमी की ओर इशारा करता है।

आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के तीसरे हफ्ते में वहां से होने वाला आयात पिछले कई सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। इस कमी को पूरा करने के लिए अब भारत अमेरिका जैसे देशों से ज्यादा गैस मंगा रहा है। अनुमान है कि 2026 में भारत अमेरिका से करीब 22 लाख टन एलपीजी इम्पोर्ट करेगा, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा बदलाव है

किसे मिलेगी सस्ती गैस और क्या हैं इसकी शर्तें?
सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी (LPG) का इस्तेमाल करने वालों के लिए कुछ नियम बनाए हैं। अगर आप इस 50 प्रतिशत कोटे के तहत गैस पाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के आप इस सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे।

इसके साथ ही एक जरूरी शर्त यह भी है कि आपको अपने शहर की गैस कंपनी (CGD) के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। सिर्फ अप्लाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि आपको अपने यहाँ पीएनजी सप्लाई शुरू कराने के लिए जरूरी तैयारियाँ भी पहले से करके रखनी होंगी।

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