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हमीरपुर: जिप उपाध्‍यक्ष पर पंचायत घर बेचने का आरोप,नरेश दर्जी दी सफाई, मामले को बताया राजनीतिक साजिश

हमीरपुर: जिप उपाध्‍यक्ष पर पंचायत घर बेचने का आरोप,नरेश दर्जी दी सफाई, मामले को बताया राजनीतिक साजिश

हमीरपुर|
जिला परिषद हमीरपुर के उपाध्यक्ष नरेश कुमार दर्जी पर सदर थाना पुलिस हमीरपुर में धोखाधड़ी करने पर मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि बलबीर सिंह निवासी गांव सासन डाकघर झनियारा सहित स्थानीय लोगों ने उपायुक्त को इस संबंध में शिकायत दी थी। इस पर एसडीएम की जांच में नरेश कुमार दर्जी को दोषी पाए जाने पर यह मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि मामला उस समय का है जब नरेश कुमार दर्जी सासन पंचायत के प्रधान थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उपायुक्त हमीरपुर को नरेश कुमार दर्जी के खिलाफ शिकायत दी थी कि उन्होंने सराय भवन जिसमें पंचायत भवन भी चल रहा था, को किसी बाहरी व्यक्ति को बेच दिया है। इस पर मामले की जांच के आदेश उपायुक्त हमीरपुर ने एसडीएम को दिए थे, इसमें वह दोषी पाया गया है। साथ ही जिला परिषद चुनाव के दौरान भी साक्ष्यों को छुपाया गया है। इस पर हमीरपुर पुलिस ने सदर थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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वहीँ जिला परिषद उपाध्यक्ष नरेश कुमार दर्जी ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। नरेश कुमार दर्जी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। स्थानीय विधायक पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत सक्रिय हैं। ऐसे में उन्हें टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह पीछे नहीं हटेंगे, चाहे उन्हें जेल के अंदर ही डाल दिया जाए। वह किसी भी हालत में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

पंचायत घर को बेचने के आरोपों पर उपाध्यक्ष नरेश कुमार दर्जी ने कहा कि जब वह पंचायत प्रधान थे, तब उन्होंने सराय में ही पंचायत को चलाया था। इसके बाद नया पंचायत घर बनाया गया और उस सराय पर जिसका कब्जा था। उससे 2013 में उनके बेटे ने उसे खरीद लिया था। यहां पर 4 मरले/बिशवे भूमि को 3 लाख में खरीदा गया था। बाद में उनके बेटे ने इसे किसी और को 5 लाख में बेच दिया था।उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इस खरीद-फरोख्त में कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सासन पंचायत का अपना भवन है, जो कि 2 मंजिला है। जिस पंचायत घर को बेचने की बात कही जा रही है, वहां साल 1988 में एक सराय थी।

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बाद में कुछ समय तक इसमें पंचायत को भी चलाया गया। लेकिन, यह सराय किसी और के कब्जे में थी। उन्होंने कहा कि न तो यहां पर पंचायत घर को बेचा गया है और न ही वर्तमान समय में यहां पर कोई पंचायत घर है। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर जो धाराएं लगाई हैं, वह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले में उन्होंने कुछ भी गैर कानूनी और गलत नहीं किया है। यदि उनके खिलाफ गलत कार्रवाई की जाएगी, तो वह कोर्ट में इस मामले को ले जाएंगे।

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