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Lamleshwar Mahadev Temple: चमत्कार या रहस्य? हिमाचल के इस मंदिर में हर 4 साल बाद बढ़ जाता है शिवलिंग का आकार, 5 फीट तक हुई ऊंचाई

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में ब्यास नदी किनारे स्थित 500 साल पुराना लमलेश्वर शिव मंदिर लोगों को आश्चर्य में डाल देता है। यहां का स्वयंभू शिवलिंग हर चार साल में थोड़ा-थोड़ा बढ़ता है और अब यह करीब 5 फुट ऊंचा हो चुका है।
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Published on: 19 February 2026
Lamleshwar Mahadev Temple: चमत्कार या रहस्य? हिमाचल के इस मंदिर में हर 4 साल बाद बढ़ जाता है शिवलिंग का आकार, 5 फीट तक हुई ऊंचाई
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Lamleshwar Mahadev Temple: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में ब्यास नदी के किनारे एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जो सदियों से लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर का नाम लमलेश्वर शिव मंदिर है जहां चमत्कारी स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह शिवलिंग हर चार साल में एक तिल या जौ के दाने जितना बढ़ जाता है। आज इसका आकार बढ़कर लगभग 5 फुट तक पहुंच चुका है।

इस मंदिर की स्थापना करीब 500 साल पहले कटोच वंश के राजाओं ने की थी। बता दें कि कटोच राजवंश ने कई मंदिरों और किलों का निर्माण करवाया था। कहा जाता है कि एक राजा को स्वप्न में संकेत मिला कि व्यास नदी के पास एक दिव्य शिवलिंग मौजूद है। राजा ने अपने सैनिकों को वहां भेजा। सैनिकों ने शिवलिंग को खोज निकाला और उसे नादौन क्षेत्र में लाकर स्थापित किया। बाद में राजा ने इसी स्थान पर भव्य मंदिर बनवाया।

मंदिर से जुड़े हुए जानकर बताते हैं कि यह शिवलिंग स्वयंभू है और इसकी वृद्धि लोगों को हैरान करती है। श्रद्धालु दूर-दूर से यहां आते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। हजारों की संख्या में लोग यहां नतमस्तक होते हैं।

श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि और अन्य हिंदू धार्मिक पर्वों पर मंदिर में खास रौनक रहती है। लमलेश्वर शिव मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और चमत्कार का जीता-जागता प्रमाण है, जहां भगवान शिव अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं।

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