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Real Shilajit Identification: शिलाजीत का सेवन करने की सोच रहे हैं, तो जानिए कैसे करें असली शिलाजीत की पहचान?

Real Shilajit Identification: शिलाजीत का सेवन करने की सोच रहे हैं, तो जानिए कैसे करें असली शिलाजीत की पहचान?
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Real Shilajit Identification शिलाजीत हिमालय की चट्टानों से निकलने वाला एक प्राकृतिक रेजिन है, जिसे आयुर्वेद में सदियों से “रसायन” माना जाता है। ये फुल्विक एसिड, ह्यूमिक एसिड और 85+ मिनरल्स से भरपूर होता है। आजकल ये स्टैमिना, एनर्जी और सेक्शुअल हेल्थ के लिए काफी पॉपुलर हो रहा है, खासकर पुरुषों में। अगर आप भी शिलाजीत का सेवन करने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले असली शिलाजीत को पहचानना सीख लीजिए। अगर आपने गलती से भी नकली शिलाजीत का सेवन कर लिया, तो आपकी जान भी जा सकती है।

आजकल के दौर में फिटनेस के लिए शिलाजीत का काफी इस्तेमाल होने लगा है, लेकिन इसकी लोकप्रियता बढ़ने के साथ मार्केट में नकली शिलाजीत भी खूब बिकने लगा है। इसलिए जरूरी है कि हम जानें कि असली और नकली शिलाजीत में फर्क कैसे करते हैं। दरअसल, आजकल मार्केट में असली से भी ज्यादा असली दिखने वाली चीज ही नकली निकलती है। ऐसे में कई बार हेल्थ से जुड़ी चीजों को लेकर कई बार सवाल उठता है कि ये असली है या नकली? आयुर्वेद में ताकत और ऊर्जा का खजाना माने जाने वाले शिलाजीत को लेकर भी ये सवाल हमेशा आता है।

शिलाजीत की मांग बढ़ने और कीमत ज्यादा होने की वजह से मार्केट में मिलावटी और नकली शिलाजीत भी खूब बिक रहा है, जिसे पहचान पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। अगर आपने गलती से नकली शिलाजीत खा लिया तो आपकी मौत भी हो सकती है।

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कैसे करें असली शिलाजीत की पहचान?(How to Identify Pure Shilajit Resin in India)

असली शीलाजीत की पहचान करने का एक आसान तरीका वॉटर या मिल्क टेस्ट है। इसके लिए सबसे पहले शिलाजीत को एक गिलास पानी या दूध में डालें, अगर ये आसानी से घुल जाए तो उसके असली होने की संभावना ज्यादा है, जबकि नकली या मिलावटी शिलाजीत पूरी तरह घुलने में दिक्कत करता है।

रंग भी है इसकी पहचान
इसके साथ ही असली शिलाजीत का रंग गहरा काला होता है और इसे हथेली पर लेकर रगड़ने पर इसका रंग अलग से छूटना नहीं चाहिए। अगर रंग निकलने लगता है, तो समझ जाइए कि वो आपके लिए जहर होगा। इसके अलावा इसका नेचुरल टेस्ट हल्का कड़वा और नमकीन होता है, इसके अलावा कोई और फ्लेवर महसूस होना मिलावट का संकेत है। अगर आपके शिलाजीत के साथ ऐसा हो रहा है, तो उसका सेवन बिल्कुल भी न करें।

शीलाजीत के फायदे
शिलाजीत की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए सर्दियों में इसका सीमित मात्रा में सेवन खांसी-जुकाम से बचाव, जोड़ों के दर्द में आराम, स्किन ग्लो और सेक्सुअल हेल्थ पर पॉजिटिव असर डालता है। शिलाजीत को पुरुषों का स्टैमिना बढ़ाने के साथ-साथ जोड़ों के दर्द में राहत, त्वचा की रंगत निखारने, शारीरिक पावर बढ़ाने और एनर्जी बूस्टर के तौर पर फायदेमंद माना जाता है।

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महिलाओं के लिए भी हार्मोन बैलेंस, हड्डियों की मजबूती और एनर्जी के लिए यह फायदेमंद है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों से इम्यून सिस्टम मजबूत करतें है, और तनाव कम करता है। इसके अलावा डायबिटीज कंट्रोल, हड्डियां मजबूत और एक्सरसाइज परफॉर्मेंस बेहतर करता है। यह थकान कम करता है, मसल्स की ताकत बढ़ाता है। कुछ स्टडीज में ये क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम में मददगार पाया गया।

शीलाजीत लेते समय इन बातों का रखे ख्याल

  • कच्चे या अनप्रोसेस्ड शिलाजीत में कई खतरनाक धातुएं जैसे लेड, आर्सेनिक, मरक्यूरी, और थैलियम हो सकती हैं, जो किडनी, लिवर और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती हैं। 2025 की कुछ रिसर्च में इन धातुओं के स्तर बहुत ज्यादा पाए गए हैं।
  • अगर आप शिलाजीत का इस्तेमाल करते हैं, तो ध्यान रखें कि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से एलर्जी, उल्टी, पेट खराब होना, ब्लड प्रेशर कम होना, या हार्टबीट बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • कच्चा शिलाजीत ना लें। हमेशा प्यूरीफाइड और लैब-टेस्टेड शिलाजीत ही खरीदें, क्योंकि बाजार में नकली उत्पाद भी बहुत होते हैं।
  • गर्भवती महिलाएं, ब्रेस्टफीडिंग करने वाली महिलाएं, और किडनी या हार्ट के मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना शिलाजीत का सेवन न करें।
  • अगर आप शिलाजीत कैप्सूल्स लेना चाहते हैं, तो यह एक आसान विकल्प हो सकता है, लेकिन कैप्सूल्स की प्यूरिटी जरूर चेक करें।

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