Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

जहरीली शराब पीने से मौतें : सुबूत नष्ट करने के लिए माफिया ने खाई में फेंक दी शराब

सुबूत नष्ट करने के लिए माफिया ने खाई में फेंक दी जहरीली शराब

मंडी|
मंडी जिले के सलापड़ क्षेत्र में जहरीली शराब का सेवन करने से 7 लोगों की मौत के बाद शराब माफिया ने जहरीली शराब को जगह-जगह खाई में फेंककर सुबूत नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों से इस बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर खाई में बड़ी संख्या में टूटी हुई शराब की बोतलें और फेंके गए खाली बॉक्स भी पाए हैं। खाई गहरी होने के कारण पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

उधर, आबकारी महकमा भी देर शाम तक शराब के सैंपल लेने में जुटा रहा मौके पर 25 सैंपल भरे गए। सलापड़ स्थित जिस ठेके से शराब खरीदी गई थी, वहां से आबकारी विभाग ने सैंपल भरे। वहीं, इसके बाद पूरे प्रदेश भर में शराब के सैंपल भरे गए हैं।

इसे भी पढ़ें:  मंडी शहर में होगा सांसद प्रतिभा सिंह का स्थायी कार्यालय, लोगों को समस्याएं लेकर नहीं जाना पड़ेगा रामपुर

उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने बताया कि आबकारी विभाग ने करीब 25 शराब के सैंपल लिए हैं। पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने बताया पुलिस ने संदेह के आधार पर दो लोगों को पूछताछ के लिए डिटेन किया है। अवैध शराब का कारोबार करने वालों के साथ किसी भी तरह की कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।

इस घटना के बाद पुलिस विभाग भी जागा है, बुधवार दोपहर से पुलिस अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने सलापड़ पहुंच कर कमान संभाली। पुलिस बटालियन के साथ शराब का अवैध कारोबार करने वालों की धरपकड़ और माल को बरामद करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया। उधर, पुलिस ने शक के आधार पर पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया है।

इसे भी पढ़ें:  Viral JCB Photoshoot Video: जेसीबी बकेट पर पर्यटकों का फोटोशूट करवाना पड़ा महंगा, पुलिस ने किया 2500 रुपये का चालान..!
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल