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पूर्व मंत्री जीएसबाली ने की प्रदेश में ” विस्तृत इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी” लेन की मांग

पूर्व मंत्री जीएसबाली ने की प्रदेश में " विस्तृत इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी" लेन की मांग
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प्रजासत्ता|
दुनिया नए आविष्कारों और भविष्य की तरफ देख रही है। वर्त्तमान में प्रदूषण पर नियन्त्रण के लिए कई देशों ने अपने यहाँ वाहनों को पूर्ण इलेक्ट्रिक करने के लिए टाइम लाइन तय कर दी है। भारत सरकार ने भी 2030 तक तीन लाख बसों का टारगेट सेट किया है। वर्ष 2017 में तत्कालीन परिवहन मंत्री जीएस बाली द्वारा कुल्लू से रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा को हरी झंडी दिखाने के बाद हिमाचल प्रदेश देश में इलेक्ट्रिक बस चलाने वाला पहला राज्य बन गया था| उस समय परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस को लेकर पॉलिसी लाई जाएगी। जिसमें रूट समेत अन्य चीजें तय की जाएगी। लेकिन सरकार बदलते ही यह योजना अधर में लटक गई|

लेकिन एक बार फिर पूर्व मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में विस्तृत इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लाने की मांग की है| शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा “हिमाचल प्रदेश देश के उन राज्यों में से एक है जिसने देश मे परिवहन निगम में आम जनता के लिए भी एसी बसों की शुरुआत सबसे पहले की थी, वॉल्वो चलाई। अपने कार्यकाल में जब मैंने यह फैसला लिया था, तो भारी विरोध भी सहन करना पड़ा था। ऐसे ही इलेक्ट्रिक बसों की शुरआत मैंने अपने पिछले कार्यकाल में की तब भी कई लोगो को यह नागवार गुजरा। आधुनिकता के साथ चलना पड़ता है अगली क्रांति इलेक्ट्रिक व्हीकल की है, इसपर दिन प्रतिदिन नई खोज हो रही है चार्जिंग टाइम कम हो रहा है एक बार ए चार्ज।पर अधिक चलने की क्षमता बढ़ रही है। शिमला जैसे शहर में पर्यावरण को देखते हुए हमने इलेक्ट्रिक टैक्सी और बसें शरू की थी। आज उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है , हिमाचल सस्ती बिजली बनाता है, सरप्लस बिजली बेचना चुनौती का काम हो गया है, इसकी खपत इलेक्ट्रिक वाहनों में की जा सकती है| प्रदूषण से राहत अलग मिलेगी और सस्ता ट्रांसपोर्ट हम आमजन को मुहैया करवा पाएंगे। सबसे बड़ी बात देश के रूप में हमारी पेट्रोलम इम्पोर्ट पर डिपेंडेंसी कम होगी। यह तभी संभव है अगर एक विस्तृत इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, हिमाचल प्रदेश की बने। मैं सरकार से अनुरोध करता हूँ, इस दिशा में नीवं हमने रख दी है आप इसे आगे बढ़ाएं और हिमाचल प्रदेश के लिए एक अदद इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लेकर आएं।”

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बता दें कि इन दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी हिमाचल आएं हैं| बीते कल कुल्लू में अपने सम्बोधन में उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के प्रस्ताव को लाने के लिए पूर्व सरकार में परिवहन मंत्री रहे जीएस बाली की सराहना भी की साथ ही जयराम सरकार को भी इसी तरह के प्रोजेक्टों को लाने की बात कही| ऐसे में जीएस वाली द्वारा एक बार फिर इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी बनाने की मांग सरकार के सामने रखी गई है|

आज के दौर में जब तेल की कीमतें असमान की ऊंचाई पर है। ऐसे में बैटरी से चलने वाहन किफायती साबित हो सकते हैं। आजकल सड़कों पर हमें ट्रैफिक की समस्या से हर रोज दो चार होना पड़ता है। जाम के अलावा ट्रैफिक के कारण बढ़ता शोर भी हमारी सेहत पर नकारात्मक असर डालता है। पेट्रोल और डीजल वाहनों से निकलने वाले धुंए से हम सभी परेशान हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाना ही सबसे बेहतर माना जा रहा है क्योंकि इनके इस्तेमाल से पॉल्यूशन नहीं होता और वातावरण साफ-सुथरा रहता है। इलेक्ट्रिक वाहन हमें इस शोर से भी आजादी दिला सकते हैं। चूंकि इलेक्ट्रिक वाहनों में बैट्ररी लगी होती है इसलिए पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में ये ज्यादा शोर नहीं करते। ऐसे में इन्हें चलाने समय आप रिलैक्स रह सकते हैं| आने वाले कुछ वर्षों में देश के ऑटो सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों का ही दबदबा रहेगा। इसे देखते हुए ऑटो कंपनियां भी अब इस ओर ज्यादा ध्यान देने लगी हैं| ऐसे में प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी का बनाना बहुत जरुरी है|

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