साइड स्क्रोल मेनू
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री के गृहजिला में राम भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं, चंडी ब्लॉक में 10 उपस्वास्थ्य केंद्रों पर लटका ताला

स्वास्थ्य मंत्री डॉक्‍टर राजीव सैजल
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

कश्यप|
स्वास्थ्य खंड चंडी के तहत कार्यरत 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों में से 10 केंद्रों में स्टाफ न होने की वजह से ताले लटके हुए हैं। हालाकिं विभाग ने इन केंद्रों के लिए दो मंजिला भवन भी बनाए है लेकिन बन्द पड़े इन भवनों की सुरक्षा राम भरोसे है, वहीं क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। आलम यह है कि अधिकाशं सेंटर स्टाफ के बिना बन्द पड़े है व इनमें से कुछ महीने में एक बार केवल टीकाकरण के लिए खुलते हैं अन्य दिनों इनमें भी ताले लटके रहते हैं। जब एक ब्लॉक के अन्दर ही यह हालात है तो पुरे जिला की क्या हालत होगी यह किसी से छुपी नही है|

बता दें कि स्वास्थ्य खण्ड चण्डी के अंतर्गत कुल आबादी लगभग 63 हजार के करीब है व ग्रामीण लोगों के स्वास्थ्य की जांच का जिम्मा इन उप स्वास्थ्य केंद्रों पर है लेकिन विडम्बना यह है कि विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर इन केंद्रों के लिए भवन तो बना दिए लेकिन जरूरी स्टाफ व दवाइयों के बिना ये केंद्र मात्र शो पीस बनकर रह गए हैं।

वहीं अन्य 10 केंद्रों में से नौ को एक-एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ही चला रही है जो अधिकतर 50 वर्ष से अधिक आयु की है व ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल घूम कर घर घर सेवाएं प्रदान करने में असमर्थ रहती है। जबकि हर उप स्वास्थ्य केंद्र में एक पुरुष व एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद स्वीकृत होते हैं ,ऐसे में 40 पदों के अगेंस्ट केवल 9 महिला व एक पुरुष कर्मी ही इन केंद्रों में तैनात है।

इसे भी पढ़ें:  सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सीएम तो मुकेश अग्निहोत्री ने ली डिप्टी सीएम पद की शपथ

उप स्वास्थ्य केंद्र बधौनीघाट,चढियार,खरोटा गुनाई, तरंगाला, शेरला अम्बोटा, धार मेहता, गोयला, बढलग व हरीपुर बिना किसी कर्मी की तैनाती के बंद पड़े है। वहीं शेरां, बग्गुवाला, भौगुड़ी, जगजीतनगर, दाडवा, बनियारा, नयानगर, रामपुर व घड़सी केवल महिला स्वास्थ्य कर्मियों के सहारे चल रहे हैं। केवल घरेड में पुरुष कार्यकर्ता है। जबकि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा दो दर्जन के करीब प्रदत रोग उन्मूलन कार्यकर्मों का निर्वहन करना होता है। व घर घर जाकर रोगों के निदान के उपाय बताने होते हैं ऐसे में 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 40 पदों पर केवल 10 की तैनाती से कैसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों को 63 हजार की आबादी तक पहुंचने की कल्पना कैसे की जा सकती है।

चंडी ब्लॉक के अंतर्गत दो सीएचसी चंडी व बरोटीवाला है पट्टा पीएचसी को कैबिनेट निर्णय के बावजूद अभी तक न अधिसूचना जारी हुई है व उसके मुताबिक स्टाफ ही उपलब्ध हुआ है। सीएचसी चंडी व पीएचसी कुठाड़ में चक्षु अधिकारी(ऑप्थेलमिस्ट) के पद खाली है। सीएचसी बरोटीवाला में हेल्थ सुपरवाइजर के पद सृजित ही नहीं किये गए। एक्सरे तकनीशियन तथा महिला व पुरुष कार्यकर्ता के पद रिक्त है। बरोटीवाला औधोगिक क्षेत्र होने के कारण यहां पर ड़ेंगू, मलेरिया जैसे कई रोगों की आशंका बनी रहती है जिस कारण यहां पर ओपीडी अधिक रहती है यहाँ पर अधिक स्टाफ तैनात करने की आवश्यकता है।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: सीएम सुक्खू ने केंद्र से मांगे 150 ऑटोमैटिक मौसम केंद्र, किन्नौर में डॉप्लर रडार की भी रखी मांग

चण्डी खण्ड के तहत कुल 6 पीएचसी है जिनमें से कुठाड़, गोयला, हरीपुर, कोटबेजा, व दुर्गापुर धारडी में स्टाफ नर्स का पद ही सृजित नहीं है व लोगों कहना है कि कैसे गर्भवती महिलाओं को प्रसूता की सुविधा मिलेगी ? वहीं पी,एच, सी पट्टा में एक स्टाफ नर्स है परंतु यहां पर लैब तकनीशियन, एक्सरे तकनीशियन व हेल्थ सुपरवाइजर के पद रिक्त है।

तरंगाला, बधौनीघाट व चढियार में 30-30 लाख के विशाल भवन बने हैं व तरँगाला व रामपुर में 7 अगस्त को ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने इन भवनों का लोकार्पण किया है ,परंतु न तो यहां स्टाफ है व न ही भवन की देखभाल के लिए कोई चौकीदार तक तैनात नहीं है। उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर चढियार लोगों के लिए केवल पार्किंग स्थल बना है।

उधर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ उदय ठाकुर ने बताया कि समय समय पर रिक्त पदों की सूचना विभाग को दी जाती रही है। स्टाफ भरने का कार्य विभाग के उच्च अधिकारियों व सरकार का है।

Join WhatsApp

Join Now