Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

रुमित, मदन व दीपक चौहान को कोर्ट ने पांच दिन के रिमांड पर भेजा

रुमित, मदन व दीपक चौहान को कोर्ट ने पांच दिन के रिमांड पर भेजा

प्रजासत्ता ब्यूरो|शिमला
सवर्ण आयोग को लेकर शिमला में हुए उग्र आंदोलन में हिंसा और बवाल मचाने के आरोप में गिरफ्तार देवभूमि क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रुमित ठाकुर व उनके दो साथियों मदन ठाकुर व दीपक चौहान को कोर्ट ने पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया है। बता दें कि पुलिस ने बीती रात एक बजे इन तीनों को शोघी स्थित होटल से गिरफ्तार किया था। आरोपितों को बालूगंज थाना में रखा गया है।

गुरुवार दोपहर बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया। यहां से इन्हें 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। जिला न्यायवादी रणदीप सिंह परमार व सहायक न्यायवादी जसवीर सिंह ने पुलिस की तरफ से कोर्ट में पक्ष रखा। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 5 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट में तर्क दिया गया कि प्रदर्शन के दौरान इनके पास मौजूद हथियारों को रिकवर करने व आंदोलन को क्यों उग्र किया, इसके कारण जानने के लिए इनको रिमांड पर लेना जरूरी है । वहीँ सूत्रों से जानकारी मिली है कि जिन धाराओं के तहत इनके खिलाफ़ मुकद्दमे दर्ज हुए हैं इन्हें आसानी से जमानत नही मिल पायेगी।

इसे भी पढ़ें:  Himachal: सीएम सुक्खू बोले - राज्य सरकार किसी भी सूरत में किसानों को उजड़ने नहीं देगी..!

बता दें कि सवर्ण आयोग को कानूनी रूप देने की मांग को लेकर बीते कल शिमला में प्रदर्शन में एएसपी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। संगठन के सदस्यों ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तैनात की गई टीम पर जानलेवा हमला किया। जिसमे पथराव और लाठी डंडों का इस्तेमाल किया भी किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 341, 353, 332, 307 आईपीसी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। इसके अलावा 147, 148, 149, 341, 188 आईपीसी भी लगाई है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी मामला दर्ज किया है।

इसे भी पढ़ें:  HP Multi Task Workers Salary: पीडब्ल्यूडी में तैनात मल्टी टास्क वर्कर्स को तीन माह से नही मिला वेतन..!
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल