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Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

14th Khushwant Singh Litfest in Kasauli: खुशवंत सिंह लिटफेस्ट 2025 में भारत-पाक संबंधों से लेकर राजीव गांधी की दूरदर्शिता तक, 25 किताबों पर होगी चर्चा

14th Khushwant Singh Litfest in Kasauli: खुशवंत सिंह लिटफेस्ट 2025 में भारत-पाक संबंधों से लेकर राजीव गांधी की दूरदर्शिता तक, 25 किताबों पर होगी चर्चा
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14th Khushwant Singh Litfest in Kasauli: हिमाचल प्रदेश के कसौली में शुक्रवार से शुरू होने वाला 14वां खुशवंत सिंह लिटफेस्ट साहित्य, राजनीति और संस्कृति के रंगों से सराबोर होने जा रहा है। सुप्रसिद्ध कसौली क्लब में आयोजित होने वाले इस साहित्यिक उत्सव में इस बार की थीम ‘वॉयस ऑफ टुमॉरो’ है। बता दें  कि इस बार का खुशवंत सिंह लिटफेस्ट 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित होगा।

उल्लेखनीय है कि इस बार खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में भारत-पाक संबंध, हरित क्रांति के जनक डॉ. एमएस स्वामीनाथन की वैज्ञानिक सोच, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदर्शिता जैसे विविध विषयों पर 30 सत्रों में करीब 25 किताबों पर गहन चर्चा होगी। इस तीन दिवसीय आयोजन में 50 से अधिक प्रख्यात साहित्यकार, राजनेता और कलाकार हिस्सा लेंगे।

पूर्व रॉ प्रमुख एएस दुल्लत अपनी किताब द स्पाई क्रॉनिकल्स के जरिए भारत-पाक संबंधों में अविश्वास, मुंबई हमलों और कश्मीर मुद्दे जैसे संवेदनशील विषयों पर विचार साझा करेंगे। यह सत्र राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से रुचि रखने वालों के लिए खास होगा।

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वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर अपनी किताब के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विजन और उनके कार्यकाल के अनुभवों पर प्रकाश डालेंगे। यह सत्र उनके नेतृत्व और नीतियों के प्रभाव को समझने का अवसर देगा।

इसके अलावा प्रियंबदा जयाकुमार, प्रेम शंकर झा और अनुभा भोंसले हरित क्रांति के प्रणेता डॉ. एमएस स्वामीनाथन की वैज्ञानिक उपलब्धियों और कृषि क्षेत्र में उनके योगदान पर चर्चा करेंगे। यह सत्र कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वालों के लिए प्रेरणादायक होगा।

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे अपनी किताब द कैंटोनमेंट कॉन्सपिरेसी के जरिए सैन्य रहस्यों और रोचक तथ्यों को उजागर करेंगे। उनके साथ निर्मला कानन इस सत्र में संवाद करेंगी। वहीं, मशहूर अभिनेता अमोल पालेकर अपनी किताब बियॉन्ड सिनेमा, सॉन्ग्स एंड लाइफ के माध्यम से अपने फिल्मी सफर और जीवन के अनुभव साझा करेंगे। इस सत्र में संध्या गोखले उनके साथ होंगी, और ऋषि मजूमदार वार्ताकार की भूमिका निभाएंगे।

संतोष सिंह और मनराज ग्रेवाल शर्मा पंजाब के सामाजिक और सांस्कृतिक संकटों पर आधारित सत्र में डेरों और अगली पीढ़ी के मुद्दों पर बात करेंगे। बरसाली भट्टाचार्य और अनुप्रीता दास विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग, अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा करेंगी। इसके अलावा, ज्योत्सना मोहन और चंद्रमोहन स्वतंत्रता, अवज्ञा और इतिहास के प्रारंभिक लेखन पर विचार-विमर्श करेंगे।

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14th Khushwant Singh Litfest में वॉयस ऑफ टुमॉरो’ है थीम
खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के निदेशक राहुल सिंह ने चंडीगढ़ के सेक्टर-27 प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में  बताया कि इस बार की थीम ‘वॉयस ऑफ टुमॉरो’ है। उन्होंने कहा, “हमारा मकसद साहित्य को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाकर विचारों का आदान-प्रदान करना है।” यह आयोजन प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। बता दें कि खुशवंत सिंह लिटफेस्ट साहित्य प्रेमियों और विचारकों के लिए एक अनूठा मंच है, जो समाज, इतिहास और भविष्य के मुद्दों पर नई सोच को प्रेरित करेगा।

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