Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

BPL फर्जीवाडे को रोकने के लिए नई व्यवस्था को लागू करने जा रहा पंचायती राज विभाग

कार, बाइक और LED वाले होंगे BPL सूचि से बाहर

प्रजासत्ता|
ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल फर्जीवाडे को रोकने के लिए पंचायती राज विभाग नई व्यवस्था को लागू करने जा रहा है। साधन संपन्न व्यक्ति द्वारा प्रभाव का इस्तेमाल करके ग्राम सभा का समर्थन जुटाना भारी पड़ सकता है। बता दें कि अब कार, बाइक और एलईडी घर में रखने वाला कोई भी व्यक्ति गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) सूची में शामिल हुआ तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

ऐसे लोगों के खिलाफ शिकायत प्राप्त होने के बाद ग्रामसभा की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जहां पर ऐसे व्यक्ति को आरोपों का जवाब देना पड़ेगा। यूं कहें तो साबित करना होगा कि उसके पास न तो कार है और न ही घर में लग्जरी सामान। उल्लेखनीय है कि बीपीएल की अंतिम सूची तैयार करने से पहले संबंधित क्षेत्र के लोग अब पंचायतीराज विभाग को आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे।

इसे भी पढ़ें:  होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल विवाद में सुक्खू सरकार के लिए खुशखबरी.! ओबेरॉय ग्रुप को छोड़ना पड़ेगा 500 करोड़ का होटल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यदि ग्रामसभा किसी अपात्र को बीपीएल सूची में शामिल करती है, तो उस क्षेत्र के लोगों को आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए एक महीने का समय देगा। लोग विभाग या संबंधित अधिकारियों को गुप चुप तरीके से आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। पंचायतीराज विभाग की ओर से ऐसे लोगों का नाम और जानकारी को गोपनीय रखेगा। आपत्तियां दूर करने के लिए विभाग विशेष ग्रामसभा आयोजित करेगा। यह प्रक्रिया 30 दिन में पूरी होगी।

विभाग एक महीने बाद संबंधित पंचायत को दोबारा से विशेष ग्रामसभा आयोजित करने का आदेश देगी। उसके बाद ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित करके ऐसे व्यक्ति को बीपीएल से बाहर किया जाएगा। इससे पहले कोई भी आपत्तियां नहीं डाल सकता था। ऐसा पहली बार किया गया है।

इसे भी पढ़ें:  राज्य में आने वाले लोगों की कोविड ई-पास साॅफ्टवेयर के माध्यम से निगरानी की जाएगी
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल