Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में विपक्ष के व्यवहार और प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर की बयानबाजी पर तंज कसते हुए कहा कि वे बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देते हैं।
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक सर्जरी मशीन की खरीद पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सरकार ने इसे 27 करोड़ रुपये में खरीदा है, जबकि दिल्ली एम्स ने यही मशीन 28 करोड़ रुपये में ली थी। उन्होंने बिक्रम ठाकुर को चुनौती दी कि यदि उनके पास इस मशीन के 10 करोड़ रुपये में मिलने का कोई सबूत है, तो वे 25 मार्च तक सदन में दस्तावेज पेश करें, वरना उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने नए विधायकों को भी अपनी भाषा में मर्यादा और संयम बनाए रखने की सलाह दी।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर ला रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश गाय और भैंस के दूध पर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। किसानों के हित में सरकार अब 90 रुपये प्रति किलो की दर से हल्दी खरीदेगी।
हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और सरकार खुद का स्पाइस पार्क भी बनाने जा रही है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि सुन्नी-लुहरी और धौला सिद्ध जैसे बिजली प्रोजेक्ट्स को अब सरकार अपने नियंत्रण में लेगी ताकि प्रदेश की संपत्ति किसी निजी कंपनी के हाथों न लुटे।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के पास सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत नहीं थी, इसलिए उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय भाजपा जनता के साथ खड़े होने के बजाय राजनीति करने में व्यस्त थी। कांगड़ा एयरपोर्ट के पास जमीन की खरीद-फरोख्त में हुई गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री ने कड़ी जांच का आश्वासन दिया और कहा कि कुछ लोगों ने गरीबों की जमीनें बहुत सस्ते दामों पर हड़पी हैं, जिसका खुलासा जल्द होगा।
वहीं, सर्विलांस के मुद्दे पर उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी नेता की नहीं बल्कि केवल नशे के तस्करों की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि किसकी सर्विलांस करनी है, यह फैसला डीजीपी लेते हैं। सीएम सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के नेता अंदरूनी गुटबाजी से परेशान हैं और वे सदन में आने से पहले ही आपस में लड़कर आते हैं।
















