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Himachal Bhawan News: हिमाचल भवन की कुर्की के आदेश पर सीएम सुक्खू ने कही ये बड़ी बात..!

Himachal Bhawan News: हिमाचल भवन की कुर्की के आदेश पर सीएम सुक्खू ने कही ये बड़ी बात..!

Himachal Bhawan News: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने दिल्ली में बने हिमाचल भवन (Himachal Bhawan Delhi) को कुर्क करने के आदेश के बात हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का माहौल गरमा गया है। जहाँ विपक्षी दल भाजपा और उनके नेता प्रदेश की कांग्रेस सरकार और सीएम सुक्खू पर निशाना साध रहे हैं, वहीं सीएम सुक्खू ने भी इस मामले में पलटवार करते हुए पूर्व जयराम सरकार पर निशाना साधा। शिमला में हिमाचल भवन को अटैच करने की खबरों पर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कई बयान दिए।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने अभी हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal Pradesh High Court) के उन आदेशों को नहीं पढ़ा है, जिसमें हाईकोर्ट ने दिल्ली से हिमाचल भवन की कुर्की की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इन आदेशों को पढ़ेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आर्बिट्रेशन की मामलों में जिस तरह के आदेश आ रहे हैं, वह चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि वे फैसले का अध्ययन करने के बाद आगामी कदम उठाएंगे।

सीएम सुक्खू ने कहा कि “अपफ्रंट प्रीमियम (Upfront Premium Policy) एक पॉलिसी के तहत है। साल 2006 में ऊर्जा नीति बनी थी, उस वक्त विद्या स्टोक्स ऊर्जा मंत्री थी। ऊर्जा नीति बनाने वाली कमेटी में मैं भी शामिल था। पॉलिसी में यह स्पष्ट है कि प्रोजेक्ट लगे या न लगे, उसका प्रीमियर प्राइस जमा करवाया जाएगा। आर्बिट्रेशन के कई ऐसे फैसले आ रहे हैं, जो चिंताजनक हैं। मैं अध्ययन करने के बाद आगामी कदम उठाऊंगा”।

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सीएम सुक्खू ने पूर्व सीएम जयराम ठाकुर पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनके कार्यकाल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बेडागर्क करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर पांच साल पहले ही हिमाचल को नीलाम कर गए। उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक मामले में जो अदानी से जुड़ा हुआ था हमारे पक्ष में फैसला आया है। उन्होने कहा कि इस मामले में 64  करोड़ रूपये देने की बात कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन हम इसके खिलाफ न्यायलय में अपील दाखिल करेंगे।

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वहीं समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा, “संपत्ति अटैच नहीं की गई है… यह कानूनी मुद्दा है, हम इस लड़ाई को लड़ना चाहते हैं। यह पावर प्रोजेक्ट अपफ्रंट प्रीमियम था। ब्रेकल के मामले में हम अपफ्रंट प्रीमियम का केस जीत चुके हैं, जिसमें आर्बिट्रेशन कोर्ट ने 280 करोड़ रुपये दिए थे, उसके बाद जब हमने रिट दायर की तो हाईकोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया। इसी तरह आर्बिट्रेशन कोर्ट द्वारा मोजर बेयर को दिए गए 64 करोड़ रुपये के आर्बिट्रेशन के खिलाफ भी हम हाईकोर्ट गए हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि यह जयराम ठाकुर (पूर्व हिमाचल सीएम और भाजपा नेता) के समय का मामला है। उन्होंने अपनी कैबिनेट में ब्रेकल कंपनी को 280 करोड़ रुपये का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड दिया था, जो गलत था और उसके बाद हाईकोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया क्योंकि हमने तथ्य पेश किए थे। यह मध्यस्थता की लड़ाई है।” सीएम ने कहा कि हम आर्बिट्रेशन अवार्ड (Arbitration Award) नहीं देंगे, हम इसको कानूनी ताैर पर लड़ेंगे। क्योंकि हिमाचल की संपदा को लुटने नहीं देंगे, इसके लिए जो पैसे जमा करने होंगे, करेंगे।

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