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Himachal News: हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में 914 वैंटीलेटरों में से 498 फांक रहे धूल!, 126 खराब

Himachal News: हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में 914 वैंटीलेटरों में से 498 फांक रहे धूल!, 126 खराब
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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में गंभीर मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले वेंटिलेटरों की स्थिति को लेकर चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आई हैं। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटर की संख्या भले ही 914 हो, लेकिन इनमें से अधिकांश खराब पड़े हैं और उपयोग के लायक नहीं हैं। तकनीकी स्टॉफ की कमी के कारण भी बहुत से वेंटिलेटर इस्तेमाल में नहीं आ पा रहे हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल के अनुसार, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कुल 914 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। इनमें से केवल 416 वेंटिलेटर ही क्रियाशील हैं, जबकि 498 वेंटिलेटर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इनमें से 126 वेंटिलेटर पूरी तरह से खराब हैं, जबकि बाकी तकनीकी स्टॉफ की कमी और अन्य समस्याओं के कारण निष्क्रिय हैं।

खराब वेंटिलेटर की संख्या और स्थिति:

  • नेरचौक मेडिकल कॉलेज (मंडी): 51 वेंटिलेटर खराब
  • आईजीएमसी (शिमला): 29 वेंटिलेटर खराब
  • चंबा मेडिकल कॉलेज: 14 वेंटिलेटर खराब
  • हमीरपुर मेडिकल कॉलेज: 10 वेंटिलेटर खराब
  • पालमपुर सिविल अस्पताल: 2 वेंटिलेटर खराब
  • रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल: 1 वेंटिलेटर खराब
  • सिविल अस्पताल रोहड़ू: 4 वेंटिलेटर खराब
  • जोनल अस्पताल रिपन (शिमला): 2 वेंटिलेटर खराब
  • कमला नेहरू अस्पताल: 2 वेंटिलेटर खराब
  • नाहन मेडिकल कॉलेज: 10 वेंटिलेटर खराब
  • सिविल अस्पताल अर्की: 2 वेंटिलेटर खराब
  • क्षेत्रीय अस्पताल सोलन: 1 वेंटिलेटर खराब
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उपयोग में न आने वाले वेंटिलेटर:

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में 51 वेंटिलेटर तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण काम नहीं आ रहे हैं। इसी तरह, टांडा मेडिकल कॉलेज में 46, रिकांगपिओ अस्पताल में 22, और अन्य अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में वेंटिलेटर निष्क्रिय हैं।

ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति:

प्रदेश में 56 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और 2 मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट हैं। इनमें से 32 पीएसए प्लांट और 1 मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट ही चालू हैं। 24 पीएसए प्लांट और 1 मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट बंद पड़े हैं। पीएसए ऑक्सीजन प्लांट मरीजों की जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं, लेकिन बंद पड़े प्लांट्स के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

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