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Himachal News: पूर्व CM जयराम का बड़ा आरोप, सरकार ने भ्रष्टाचार और लूट को दी हरी झंडी-APMC को चहेतों ने लगाया करोड़ों का चूना

Himachal News: पूर्व सीएम जयराम ठाकुर का बड़ा आरोप, सरकार ने भ्रष्टाचार और लूट को दी हरी झंडी-एपीएमसी को चहेतों ने लगाया करोड़ों का चूना
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Himachal News: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने भ्रष्टाचार और लूट की सारी हदें पार कर दी हैं। पराला मंडी में 10 साल पहले 50 से 83 हजार रुपये में नीलाम हुई दुकानों की जगह अब नई दुकानें मात्र 4800 रुपये में बेची गईं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए नियम-कानूनों के साथ जमकर खिलवाड़ किया गया। दुकानों का बेस प्राइस जानबूझकर कम रखा गया और ज्यादातर आवेदनों को रद्द कर मनमानी की गई।

जयराम ने कहा कि प्रदेश के हितों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। किसानों-बागवानों की रक्षा करने वाली एपीएमसी अब सरकार के चहेतों के हितों की रखवाली में व्यस्त है, जिससे किसान और बागवान परेशान हैं। इस नीति से प्रदेश के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, जो एक संगठित लूट है और सरकार इसे संरक्षण दे रही है।

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जब भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया, तो सरकार ने सही जवाब देने के बजाय टालमटोल किया। भ्रष्टाचार की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न कर बचाव किया गया, और दुकानों के आवंटन को रद्द करने का आश्वासन भी नहीं दिया। नाराज भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।

जयराम ने कहा कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की सुख सरकार हर दिन प्रदेश को लूट रही है। किसानों-बागवानों के हितों से खिलवाड़ कर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सरकार का ध्यान जरूरतमंदों की बजाय चुनिंदा मित्रों पर है, जिनके लिए नियम-कानून ताक पर रखे गए। अगर एपीएमसी को करोड़ों का लाभ मिलता, तो किसानों-बागवानों का भला होता, लेकिन प्रदेश के हित सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सुख सरकार घोटालों के नए रिकॉर्ड बना रही है। एपीएमसी की पराला, टूटू और शिलारू मंडियों में 70 दुकानों के लिए 133 आवेदनों में से 63 रद्द कर दिए गए। 70 दुकानों के लिए सिर्फ 70 आवेदन स्वीकार कर चहेतों को बेस प्राइस से थोड़ा ऊपर दुकानें दे दी गईं। 10 साल पहले 50-83 हजार में बिकी दुकानें आज 4800 में क्यों? भाजपा ने सभी आवंटनों को रद्द कर नए टेंडर और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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