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Himachal Financial Crisis: हिमाचल की सियासत में ‘वेतन और वैट’ पर छिड़ी जंग के बीच CM सुक्खू का अनुराग और जयराम को करारा जवाब

Himachal Politics Update: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनुराग ठाकुर और जयराम ठाकुर के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा को 'पांच धड़ों' में बंटी पार्टी बताया। सीएम ने पेट्रोल-डीजल पर वैट वृद्धि के दावों को नकारा है।
Himachal Financial Crisis: हिमाचल की सियासत में 'वेतन और वैट' पर छिड़ी जंग के बीच CM सुक्खू का अनुराग और जयराम को करारा जवाब
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Himachal Financial Crisis: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल की भारतीय जनता पार्टी और हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए करारा जवाब देते हुए कहा कि, प्रदेश भाजपा इस वक्त बुरी तरह गुटबाजी का शिकार है। यह गुट अपने -अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, भाजपा पांच अलग-अलग धड़ों में बंटी हुई है और अनुराग ठाकुर केवल अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। सुक्खू ने तंज कसते हुए कहा कि शायद अनुराग जी दिल्ली दरबार में अपनी जगह पक्की करने के लिए इस तरह की बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं।

राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर सफाई देते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राज्य सरकार ने पेट्रोल या डीजल के दामों में अभी तक कोई भी बढ़ोतरी नहीं की है। उन्होंने अनुराग ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व वित्त राज्यमंत्री होने के बावजूद उन्हें कानून की सही जानकारी नहीं है, क्योंकि सेस से जुड़ा विधेयक अभी कानून बना ही नहीं है।

ऐसे में कीमते बढ़ने का सवाल ही नहीं है। सीएम सुक्खू ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा सहित कई भाजपा शासित राज्यों में आज भी तेल की कीमतें हिमाचल के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं, ऐसे में जनता को गुमराह करना गलत है। उन्होंने कहा की बीजेपी प्रदेश की जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।

बता दें कि बीते कल, दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में जिस तरह मंत्रियों और अधिकारियों के वेतन को कुछ महीनों के लिए रोकने (स्थगित करने) का फैसला लिया गया है, वह ‘आर्थिक आपातकाल’ जैसे संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अपना आधा वेतन छोड़ना और विधायकों-मंत्रियों के वेतन में कटौती करना राज्य की बदहाल माली हालत को दर्शाता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनाथ बच्चों और विधवाओं के नाम पर पेट्रोल-डीजल पर सेस (उपकर) लगाकर सरकार चलाने का प्रयास करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह सरकार की प्रशासनिक विफलता को भी दर्शाता है। हालांकि, इन तीखे हमलों के बीच जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि विपक्ष इस आर्थिक संकट से प्रदेश को बाहर निकालने के लिए सरकार को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

इससे पहले, भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने भी सुक्खू सरकार को घेरते हुए कांग्रेस के ‘खटाखट मॉडल’ को पूरी तरह ‘खटारा’ करार दिया था। अनुराग का आरोप है कि सरकार के गलत फैसलों के कारण आम जनता की जेब पर सालाना 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ पड़ने वाला है। ठाकुर ने कहा कि इस सरकार ने आम आदमी की जेब पर 1 नहीं बल्कि 3 बार हमले किए हैं। हिमाचल प्रदेश के खटाखट मॉडल ने हिमाचल को आर्थिक तंगी में पहुंचा दिया है।

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