Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Himachal First Snowfall: हिमाचल में मानसून का कहर और शिंकुला दर्रे पर पहली बर्फबारी, ठंड ने दी दस्तक!

Himachal First Snowfall: हिमाचल में मानसून का कहर और शिंकुला दर्रे पर पहली बर्फबारी, ठंड ने दी दस्तक!

Himachal First Snowfall: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने दोहरा रंग दिखाया है। एक तरफ मानसून की मूसलाधार बारिश ने मंडी, कुल्लू, और ऊना, कांगड़ा , सिरमौर जैसे जिलों में भारी तबाही मचाई, तो दूसरी तरफ रविवार को किन्नौर के शिंकुला दर्रे पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल

एक तरफ जहाँ प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा ही नहीं है, वहीँ ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान गिरने से सर्दी की शुरुवात होने लगी है। आमतौर पर नवंबर दिसम्बर में बर्फ़बारी होती है। वहीँ बारिश के चलते प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में भी गिरावट आई है, और शिमला व मनाली के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह-शाम ठंड महसूस की जा रही है।

इसे भी पढ़ें:  HP CABINET DECISIONS: विधानसभा का मानसून सत्र, हिमाचल में लॉटरी नीति को मंजूरी-ओबीसी को स्थानीय निकायों में भागेदारी के साथ पढ़ें अन्य महत्वपूर्ण निर्णय ..!

दरअसल, हिमाचल में मैदानी क्षेत्रों में बारिश का दौर चला, तो वहीं रविवार को 14,000 फुट से ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई। खबरों के मुताबिक, मनाली की ऊंची पहाड़ियों जैसे धुंधी जोत, मकरवेद-शिकरवेद, हनुमान टिब्बा, इंद्र किला, चंद्रखणी, भृगु और दशौहर, साथ ही लाहौल घाटी के बारालाचा, शिंकुला जोत, कुंजुंम जोत, छोटा और बड़ा शिघरी ग्लेशियर, लेडी ऑफ केलांग, नीलकंठ और चन्द्रभागा पीक पर बर्फ के फाहे गिरे।

उल्लेखनीय है कि इस साल भी मानसून ने हिमाचल प्रदेश में जमकर तबाही मचाई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मंडी और कुल्लू में सामान्य से क्रमशः 69% और 47% अधिक बारिश दर्ज की गई है। 20 जून से शुरू हुए मानसून ने अब तक 280 लोगों की जान ले ली और 2281 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। मानसून की बारिश ने सड़कें, पुल, और सैंकड़ों घरों को भी नुकसान पहुंचाया है।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल