HP Assembly Budget Session: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में के सातवें दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और विपक्ष के बीच तीखी लेकिन दिलचस्प बहस देखने को मिली। सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोग इस गलतफहमी में जी रहे हैं कि सरकार गिर जाएगी, लेकिन यह सरकार मजबूती से टिकी रहेगी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से कहा कि आप बार-बार सीट से इसीलिए उठते हैं क्योंकि आपको ठीक से नींद नहीं आ रही है।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आज तो आप बहुत चमक रहे हैं, आप इस खुशफहमी में रहते हैं कि सरकार चली जाएगी, लेकिन सरकार नहीं जाएगी। मैं जिस पद पर भी रहा हूं लंबे समय तक रहा हूं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने भी मजाक में कहा कि मुख्यमंत्री जी, आप इन्हें इस तरह डराया न करें। सीएम सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की तरफ से लाए गए प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत ये बात सदन में रखी।
आम जनता और प्रदेश के लोगों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि हिमाचल की गाड़ियों को टोल बैरियर पर कोई एंट्री टैक्स नहीं देना होगा। यह टैक्स केवल बाहर से आने वाली कमर्शियल गाड़ियों के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटी कारों (LMV) और टैक्सियों पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बॉर्डर इलाकों में रहने वाले लोग, जिन्हें रोज काम के सिलसिले में आना-जाना पड़ता है, उनके लिए सरकार ‘पास’ बनाने पर विचार कर रही है। इस मुद्दे को अगली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
वहीं डीजल और पेट्रोल पर लगने वाले सेस (Cess) को लेकर मचे शोर पर मुख्यमंत्री ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि अभी तक तेल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सदन में केवल एक प्रस्ताव पास हुआ है जिसे अभी राज्यपाल की मंजूरी मिलना बाकी है। मुख्यमंत्री ने जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में जाकर यह कहना कि हिमाचल में तेल 5 रुपये महंगा हो गया है, सरासर गलत है। सरकार तय करेगी कि सेस कितना लगाना है, और यह कम से कम भी हो सकता है।
बॉर्डर बैरियर को लेकर नई योजना
मुख्यमंत्री ने सदन को यह जानकारी भी दी कि जहां नेशनल हाईवे का टोल और प्रदेश का एंट्री टैक्स बैरियर पास-पास हैं, उन्हें एक साथ जोड़ने पर विचार किया जा रहा है ताकि लोगों को बार-बार न रुकना पड़े। उन्होंने खुशी जताई कि इस बार टोल बैरियर की नीलामी से सरकार को उम्मीद से कहीं ज्यादा, लगभग 200 से 250 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो पहले महज 85 करोड़ के आसपास रहता था।



















