Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रविवार को ऊना जिले के दौरे पर कांग्रेस सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने व्यवस्था बदलने और सुख की सरकार लाने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन तीन साल बाद प्रदेश की हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है।
पत्रकारों से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि इन तीन सालों में हिमाचल में प्रशासनिक गड़बड़ी और अराजकता इतनी बढ़ गई है कि राज्य के इतिहास में कभी ऐसा नहीं देखा गया। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस की ‘सुख की सरकार’ से अब आम जनता के कांग्रेसके अपने कार्यकर्ता भी खुश नहीं हैं, और खुद मुख्यमंत्री को अपनी सरकार से कितनी संतुष्टि है, यह भी शक के दायरे में है।
संविधान की दुहाई देने वाले खुद उड़ाते रहे धज्जियां
मनरेगा को लेकर कांग्रेस के विरोध पर जयराम ने कहा कि जो लोग संविधान की सबसे ज्यादा अनदेखी करते रहे, वही अब संविधान का नाम लेकर लोगों को भटका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक सिर्फ राजनीतिक दिखावा करने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ धरने दे रहे हैं। जयराम ने साफ किया कि केंद्र मनरेगा को खत्म नहीं कर रहा, बल्कि इसमें अच्छे बदलाव करके इसे और बेहतर बना रहा है।
पंचायत चुनाव पर सीएम की बात दुर्भाग्यपूर्ण
पंचायत चुनावों को लेकर डिजास्टर एक्ट का बहाना बनाने पर जयराम ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आपदा तो सात महीने पहले आई थी, लेकिन कांग्रेस सत्ता में आते ही पूरे प्रदेश को आपदा ग्रस्त घोषित कर दिया। हाईकोर्ट के 30 अप्रैल तक चुनाव कराने के आदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया को बहुत दुखद बताया।
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि सरकार बताए, आपदा के नाम पर कितने असली प्रभावितों को मदद मिली? उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार काम से बचने के लिए डिजास्टर एक्ट का सहारा ले रही है, दूसरी तरफ तीन साल पूरे होने पर जश्न मना रही है – यह लोगों के साथ सरासर धोखा है।











