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Patwari-Kanungos Protest in Himachal: स्टेट कैडर को लेकर राजस्व मंत्री से पटवारी-कानूनगो महासंघ की वार्ता रही बेनतीजा

Patwari-Kanungos Protest in Himachal: स्टेट कैडर को लेकर राजस्व मंत्री से पटवारी-कानूनगो महासंघ की वार्ता रही बेनतीजा
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Patwari-Kanungos Protest in Himachal: हिमाचल सरकार द्वारा पटवारियों और कानूनगो का कैडर जिला से बदलकर स्टेट करने,और अन्य मांगों को लेकर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ पटवारी व कानूनगो संघ की बैठक बेनतीजा रही। अब यह कर्मचारी आगामी रणनीति बनाएंगे। हिमाचल में पटवारी-कानूनगो की हड़ताल से लोगों के 1.30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं। पटवारी-कानूनगो राज्य कैडर बनाए जाने के विरोध कर रहे है।

दरअसल बीते 15 जुलाई से पटवारी और कानूनगो ऑनलाइन सेवाएं नहीं दे रहे हैं। ऐसे में सरकार ने आज उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया था। सोमवार को हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ का एक प्रतिनिधि मंडल राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात की। इस दौरान पटवारी व कानूनगो संघ ने अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा लेकिनवार्ता सफल नहीं रही।

क्या बोला पटवारी-कानूनगो महासंघ 

पटवारी-कानूनगो महासंघ के राज्य अध्यक्ष सतीश चौधरी ने मीडिया से कहा कि हमारी बहुत सारी मांगे थी सरकार जिसे नजर अंदाज कर रही थी, और हम उसे बहुत समय से दबाये हुए थे। हमारे पास इतना समय नहीं होता की हम सड़कों पर आते लेकिन सरकार ने हमारे मुद्दों को हल करने के बजाए हमारे कैडर से छेड़छाड़ की। उसी दिन से हमने मीटिंग कर निर्णय लिया की हमने 15 जुलाई से ऑनलाइन सेवाएं नहीं देंगे लेकिन ऑफलाइन सेवाएं जारी रखी। सरकार के आदेश के बाद हमने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ बैठक की, लेकिन वह बेनतीजा रही। सरकार हमसे कम तो चाह रही है लेकिन कार्यालयों में सुविधाएँ नहीं है। पटवारी-कानूनगो महासंघ के अनुसार उन्हें स्टेट कैडर मंजूर नहीं है।

मामले को लेकर क्या बोले मंत्री

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मामले को लेकर कहा कि आज पटवारी-कानूनगो महासंघ के साथ बैठक आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि स्टेट कैडर को लेकर वार्ता विफल रही। उन्होंने कहा कि सरकार ने बहुत सारे बिन्दुओं पर चर्चा करने के बाद यह फैंसला लिया है। उन्होने कहा कि स्टेट कैडर होने से सरकार को फायदा होगा और बहुत सारे लोग जो अपने जिला में सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें यह मौका मिल पायेगा।

उन्होंने कहा जो भी कर्मचारी सरकार द्वारा जारी आदेशों की अवेहलना करेगा उसके खिलाफ नियमो के अनुसार कार्रवाई होगी। पटवारी-कानूनगो की हड़ताल से लोगों के 1.30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन लंबित पड़े आवेदनों को लेकर उन्होंने कहा कि लोगों को थोड़ी असुविधा होगी लेकिन सरकार ने सोच समझ कर इसकी व्यवस्था की है। जनहित में निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जो मांगे पटवारी-कानूनगो संघ रख रहा है उसमे कुछ बातें तर्क सांगत नहीं है।

क्या है मामला (Patwari-Kanungos Protest in Himachal)

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों हिमाचल सरकार ने पटवारियों और कानूनगो का कैडर जिला से बदलकर स्टेट कर दिया है। इसी फैसले का प्रदेशभर में पटवारी और कानूनगो विरोध कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ स्टेट कैडर का विरोध कर रहा है।

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जिसके कारण पटवारी और कानूनो ने 15 जुलाई से ऑनलाइन सर्टिफिकेट बनाने बंद कर दिए। जिससे प्रदेशभर में जरूरी सेवाओं पर असर पड़ा था। वहीँ इस मामले में बीते बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने सभी जिला उपायुक्तों को एक लेटर जारी किया। जिसमें प्रदेशभर के पटवारी और कानूनगो को 2 दिन में ऑनलाइन सेवाएं शुरू करने की चेतावनी दी गई थी।

आदेश की पालना ना करने वाले कर्मचारियों पर एक्शन की बात भी कही गई। इसके बाद महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा से मिला और नोटिस का जवाब देते हुए सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया। महासंघ की ओर से कहा गया कि सरकार इस दौरान उन्हें वार्ता के लिए बुलाए। जिसको लेकर आज बैठक आयोजित की गई थी।

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