Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Himachal News: मंत्री विक्रमादित्य पर पूर्व मत्री सुखराम का तंज, पूरे प्रदेश में 28 फरवरी को देखा था घड़ियाली आंसू बहाने वाला

Himachal News: विक्रमादित्य पर पूर्व मत्री सुखराम का तंज, पूरे प्रदेश में 28 फरवरी को देखा था घड़ियाली आंसू बहाने वाला

Himachal News: भाजपा के पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी (Sukhram Chaudhary)  ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि घड़ियाली आंसू कौन बहाता है, यह प्रदेश की जनता पिछले साल 28 फरवरी को ही देख चुकी है। उन्होंने कहा कि जब जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) मुख्यमंत्री बने थे, उससे पहले कांग्रेस की सरकार थी और आज भी विक्रमादित्य सिंह मंत्री हैं।

इसलिए, उन्हें अपने विभाग से पता करके यह बताना चाहिए कि जब कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई थी, तब लोक निर्माण विभाग (PWD) पर रामपुर की कितनी देनदारी थी। साथ ही, रोहड़ू, करसोग, आनी, किन्नौर और सेराज जैसे क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग पर कितनी बकाया राशि छोड़ी गई थी। क्या कांग्रेस सरकार ने अपने समय की सभी देनदारियां चुकाकर भाजपा को सत्ता सौंपी थी?

सुखराम चौधरी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के काम मंत्री अपने हाथों से नहीं करते, बल्कि ये सभी कार्य ठेकेदारों के माध्यम से किए जाते हैं। इसलिए ठेकेदारों को भुगतान करना सरकार की जिम्मेदारी होती है। ठेकेदार भी काम खुद नहीं करते, बल्कि अन्य लोगों से करवाते हैं, जिससे एक बड़ा इकोसिस्टम बनता है। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है और प्रदेश का विकास होता है।

इसे भी पढ़ें:  बीबीएन के उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार देने के दावों की दून विधायक परमजीत पम्मी ने खोली पोल

लेकिन जब ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिलता, तो वे नीचे काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को भी भुगतान नहीं कर पाते। इसका असर पूरे प्रदेश के लाखों लोगों पर पड़ता है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हजार करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि में से केवल 80 करोड़ रुपये का भुगतान कर कांग्रेस इसे ऐसे प्रचारित कर रही है, जैसे उन्होंने सारा भुगतान कर दिया हो। जबकि यह बकाया राशि का मात्र 10 प्रतिशत है।

सुखराम चौधरी ने कांग्रेस मंत्री विक्रमादित्य सिंह (Minister Vikramaditya Singh) को सलाह दी कि भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले वे अपने गिरेबान में झांकें। उन्होंने पूछा, “क्या भाजपा सरकार के समय में ठेकेदारों के हजारों करोड़ रुपये का भुगतान पेंडिंग था? क्या ठेकेदारों ने काम करने से इनकार कर दिया था? क्या ठेकेदारों ने भुगतान में देरी के आरोप लगाए थे?” इन सभी सवालों का एक ही जवाब है – बिल्कुल नहीं। भाजपा सरकार में सभी कार्य नियमानुसार होते थे और ठेकेदारों को समय पर भुगतान किया जाता था।

इसे भी पढ़ें:  विधानसभा में बिल पारित: मंडी में बनेगी सरदार पटेल यूनिवर्सिटी,

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों को भाजपा सरकार पर थोपने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि विक्रमादित्य सिंह उपरोक्त सभी सवालों के सही और स्पष्ट जवाब प्रदेश की जनता के सामने रखें, ताकि यह स्थिति साफ हो सके कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कितने ठेकेदारों का भुगतान लंबित था।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल