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Vimal Negi Case: विमल नेगी मौत मामले में पहली गिरफ्तारी, सीबीआई ने एएसआई पंकज को किया गिरफ्तार

Vimal Negi Case Bilaspur News: विमल नेगी की रहस्यमयी मौत मामले में CBI की छापेमारी
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Vimal Negi Case: हिमाचल प्रदेश राज्य ऊर्जा निगम (HPPCL) के मुख्य अभियंता विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए एएसआई पंकज को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस जांच का हिस्सा है, जो विमल नेगी की संदिग्ध मौत के पीछे के तथ्यों को उजागर करने के लिए चल रही है।

उल्लेखनीय है कि विमल नेगी 10 मार्च 2025 को शिमला से लापता हुए थे, और 18 मार्च को उनकी लाश गोविंद सागर झील में मिली थी। उनकी पत्नी किरण नेगी ने आरोप लगाया था कि उनके पति को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया, जिसके बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था, और अब इस जांच में पहली गिरफ्तारी हुई है।

दरअसल, एएसआई पंकज पर आरोप है कि उन्होंने नेगी के शव से एक पेन ड्राइव गायब कर दी थी, जिसमें महत्वपूर्ण डेटा था, जिसे बाद में हटाया गया। इस घटना ने मामले को और जटिल बना दिया था, और हिमाचल पुलिस के भीतर भी इसकी जांच को लेकर विवाद सामने आया था। सीबीआई की कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में अब सच्चाई जल्द सामने आएगी।

विमल नेगी की मौत के बाद उनके परिवार ने शिमला में प्रदर्शन किया था, जिसमें सीबीआई जांच की मांग की गई थी। अब इस गिरफ्तारी के साथ जांच में तेजी आने की संभावना है। मामले की आगे की जानकारी का इंतजार है, क्योंकि सीबीआई इस घटना के पीछे के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

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बता दें कि एएसआई पंकज के अलावा जिन अधिकारीयों से विमल नेगी की मौत के मामले में सीबीआई की जांच और पूछताछ कर रही है उनमे मुख्य रूप :

  • एएसआई पंकज शर्मा: हिमाचल प्रदेश पुलिस के सस्पेंडेड असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) पंकज शर्मा को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने विमल नेगी के शव से एक पेन ड्राइव गायब की और उसका डेटा डिलीट कर दिया, जो जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत था।
  • संजीव गांधी: शिमला के पुलिस अधीक्षक (SP) संजीव गांधी इस मामले में विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख थे, जिसे शुरूआती जांच सौंपी गई थी। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी अतुल वर्मा ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में संजीव गांधी पर जांच में प्रभाव डालने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया।
  • अतुल वर्मा: हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन डीजीपी अतुल वर्मा ने हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर की, जिसमें उन्होंने SIT की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और पेन ड्राइव से छेड़छाड़ की घटना को गंभीर कदाचार बताया। उनकी रिपोर्ट ने जांच को सीबीआई की ओर मोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
  • देश राज: HPPCL के निदेशक (इलेक्ट्रिकल) देश राज पर विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने उत्पीड़न का आरोप लगाया था। किरण ने दावा किया कि उनके पति को वरिष्ठ अधिकारियों, जिसमें देश राज शामिल थे, द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
  • ओंकार शर्मा: अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ओंकार शर्मा ने इस मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के उत्पीड़न की बात स्वीकार की थी। उनकी 66-पृष्ठ की रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बनाया।
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इस मामले में सुबूतों से छेड़छाड करने के आरोप में निलंबित शिमला पुलिस के एएसआइ पंकज को उनके गांव बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। उसे सोमवार को सीबीआइ अदालत शिमला में पेश किया जाएगा। सीबीआइ की दिल्ली से 10 सदस्यीय टीम आई है, जिसने सारी प्रक्रिया की है। इस मामले को लेकर जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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