Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

जसवां परागपुर से निर्दलीय उम्मीदवारों ने ताल ठोक कर भाजपा के मंत्री को परेशानी में डाला

Published on: 11 November 2022
उल्लेखनीय है कि जसवां परागपुर चुनाव क्षेत्र में 59 पंचायतें हैं, जिनमें 36 पंचायतें परागपुर की हैं तो 23 पंचायतें जसवां की। यह राजपूत मतदाता अधिक है। दूसरे स्थान पर अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। उसके बाद ओबीसी व ब्राह्मण मतदाता आते हैं। इस इलाके में संघ परिवार और भाजपा की पैठ रही है। लेकिन इस बार हालात बदले हैं।

प्रजासत्ता ब्यूरो।
जयराम सरकार में उद्योग व परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर को इस बार जसवां परागपुर में भाजपा के बागियों ने घेर लिया है। भाजपा के बागी नेता संजय पराशर और मुकेश ठाकुर की वजह बिक्रम ठाकुर का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा हुआ है। बागियों की घेराबंदी से बिक्रम ठाकुर की परेशानियां बढ़ी हैं। यहां बहुकोणीय मुकाबले में भाजपा के वोट बैंक में सेंध लग रही है। जिससे भाजपा की राहें आसान नहीं हैं

बता दें कि भाजपा ने जसवां परागपुर में बिक्रम ठाकुर को फिर से प्रत्याशी बनाया है, लेकिन टिकट न मिलने पर भाजपा टिकट के दावेदारों में शामिल संजय पराशर नाराज़ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोक कर भाजपा को परेशानी में डाल दिया है। वहीं दूसरे निर्दलीय प्रत्याशी मुकेश ठाकुर हैं। जो एक समय बिक्रम ठाकुर के ही करीबी रहे हैं। उधर,कांग्रेस की ओर से सुरेंद्र मनकोटिया को टिकट मिला है।

कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र मनकोटिया का अपना वोट बैंक है। लेकिन टिकट न मिलने से नाराज लोग उनके वोटबैंक में भीतरघात हो सकता है। यहां भाजपा प्रत्याशी बिक्रम ठाकुर उसी सूरत में जीत सकते हैं, जब लोग निर्दलीय प्रत्याशी के बजाये कांग्रेस या भाजपा को वोट दें। अगर दोनों ही निर्दलीय पांच पांच हजार से अधिक वोट ले जाते हैं, तो भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी होंगी।

निर्दलीय उम्मीदवारों में संजय पराशर समाजसेवा से जुड़े हुए है। जिसके चलते उन्होंने अपने क्षेत्र के लोगों में अच्छी पकड़ बना रखी है। इससे यह अंदेशा है की उनका वोट शेयर ज्यादा होगा। वहीं विक्रम सिंह के करीबी रहे मुकेश ठाकुर भी खुलकर भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगा रहा है। जिससे नुकसान भाजपा को हिना रहा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के खिलाफ मुद्दे और मंत्री के खिलाफ एंटी इंकमबेंसी फेक्टर भी है।

उल्लेखनीय है कि जसवां परागपुर चुनाव क्षेत्र में 59 पंचायतें हैं, जिनमें 36 पंचायतें परागपुर की हैं तो 23 पंचायतें जसवां की। यह राजपूत मतदाता अधिक है। दूसरे स्थान पर अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। उसके बाद ओबीसी व ब्राह्मण मतदाता आते हैं। इस इलाके में संघ परिवार और भाजपा की पैठ रही है। लेकिन इस बार हालात बदले हैं।

Aaj Ki KhabrenDharamshala NewsKangra district newsKangra Himachal updatekangra latest newsKangra NewsKangra News TodayKangra samachar

Join WhatsApp

Join Now