Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Kangra News: जवाली में जल शक्ति विभाग के रेस्ट हाउस का वीआईपी कमरा आग में खाक, गुणवत्ता पर सवाल

Kangra News: जवाली में जल शक्ति विभाग के रेस्ट हाउस का वीआईपी कमरा आग में खाक, गुणवत्ता पर सवाल

Kangra News: कांगड़ा जिले के जवाली उपमंडल के नक्की में स्थित जल शक्ति विभाग के आलीशान रेस्ट हाउस (Jal Shakti Department Rest House Jawali) के वीआईपी कमरा नंबर-1 में सोमवार सुबह आग लगने से कमरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। सौभाग्यवश, कोई जनहानि नहीं हुई।

बताया जाता है कि रेस्ट हाउस में उस समय कोई ठहरा नहीं था और केवल चौकीदार ड्यूटी पर था। चौकीदार ने बताया कि सुबह 9 बजे जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। ऊपर जाकर देखा तो कमरे से धुआँ निकल रहा था। उन्होंने तुरंत विभागीय सहायक अभियंता पवन कौंडल और जूनियर इंजीनियर (जेई) को सूचित किया।

जेई ने अग्निशमन विभाग को जानकारी दी, जिसके बाद अग्निशमन टीम ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया। कमरे को साफ करवाया गया है।सहायक अभियंता पवन कौंडल ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में आग का कारण एसी में आसमानी बिजली गिरने से ब्लास्ट होना माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली की वायरिंग की जाँच की गई, जिसमें कोई खराबी नहीं पाई गई।

इसे भी पढ़ें:  माँ ज्वाला के आशीर्वाद से हिमाचल में बनेगी कांग्रेस की सरकार : राजेंद्र राणा

हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस रेस्ट हाउस का उद्घाटन कुछ महीने पहले उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया था। आग की घटना के बाद रेस्ट हाउस की निर्माण सामग्री और उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या यह हादसा लापरवाही का परिणाम है और जनता के पैसे की बर्बादी हुई है। बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि प्रशासन इसकी गहन जाँच करे ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लग सके। विभागीय वहीँ अधिकारियों ने इस मामले पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

YouTube video player
अनिल शर्मा साल 2019 से "प्रजासत्ता" के साथ पत्रकारिता में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह कांगड़ा जिले के फतेहपुर क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों, स्थानीय खबरों, और लोगों की समस्याओं को लगातार प्रमुखता से उठाते रहते हैं। वह निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा कर रहें हैं।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल