Mandi News: हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रवेश करते ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस दौरान मंडी जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक महिला की मौत हो गई। राज्य में मानसून की शुरुआत के साथ ही यह इस सीजन की पहली मौत दर्ज की गई है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मृतक महिला के शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडी जिले में बीती रात से ही लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। बुधवार सुबह शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर मंडी और कुल्लू की सीमा पर स्थित औट क्षेत्र में यह भीषण हादसा हुआ।

मंडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अभिमन्यु शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि औट के शनि मंदिर के समीप पहाड़ी से अचानक एक भारी पत्थर नीचे गिरा, जिसकी चपेट में आने से सोलन जिले के नालागढ़ निवासी एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
मिली जानकारी मुताबिक मृतका की पहचान 38 वर्षीय सुखवीर कौर के रूप में हुई है, जो नालागढ़ जिला सोलन की रहने वाली थीं। वह अपने पति जसविंदर सिंह और अपने बच्चे के साथ कार में सवार होकर नालागढ़ से मणिकर्ण की ओर जा रही थीं। सफर के दौरान अचानक सुखवीर कौर की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद वह उल्टी करने के लिए कार से नीचे उतरी थीं।
इसी दौरान पहाड़ी से दबे पांव आई मौत ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के तुरंत बाद परिजन उन्हें लहूलुहान हालत में पास के नगवाई अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि बादल फटने से लेह-मनाली नेशनल हाईवे हुआ बाधित दूसरी ओर, लाहौल-स्पीति के जिस्पा में बीती रात बादल फटने की घटना के बाद लेह-मनाली नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया था। इस अप्रत्याशित मलबे के कारण हाईवे पर दोनों तरफ सैकड़ों गाड़ियां फंस गईं और लंबा जाम लग गया।सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा मनाली की ओर जाने वाले सभी वाहनों को केलांग के पास ही रोक दिया गया था।
हालांकि, राहत एवं बचाव कार्य के बाद अब इस हाईवे को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राज्य के अन्य अंदरूनी और मुख्य मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। शिमला-कांगड़ा नेशनल हाईवे भी बिलासपुर और सोलन जिले की सीमा के पास नमहोल में भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम और पहाड़ों से पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील इलाकों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
















