Indian Passport Fees Hike: यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं या अपने पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराने की योजना बना रहे हैं, तो यह समाचार आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दरअसल, केंद्र सरकार के केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने ‘पासपोर्ट नियम, 2026’ (संशोधन) को देश भर में लागू कर दिया है। इस नए आधिकारिक नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद से पासपोर्ट और उससे संबंधित यात्रा दस्तावेजों की फीस में बड़ा संशोधन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि देश में पूरे 14 साल के लंबे अंतराल के बाद पासपोर्ट के सेवा शुल्कों में यह वृद्धि की गई है। इससे पहले साल 2012 में पासपोर्ट की फीस बढ़ाई गई थी। नए नियमों के प्रभावी होने से अब सामान्य से लेकर तत्काल पासपोर्ट बनवाना और गुम या फटे पासपोर्ट के बदले नया दस्तावेज (री-इश्यू) जारी करवाना पहले के मुकाबले ₹2000 तक महंगा हो गया है।

क्यों बढ़ाई गई पासपोर्ट की फीस
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बढ़ती प्रशासनिक लागत और पासपोर्ट सेवाओं के आधुनिकीकरण पर होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है। नई दरों के मुताबिक, अब 36 पेज का सामान्य पासपोर्ट (नया या री-इश्यू) बनवाने के लिए नागरिकों को ₹1500 के स्थान पर ₹2500 का भुगतान करना होगा।
इसी श्रेणी में यदि कोई तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदन करता है, तो उसे ₹3500 की जगह अब ₹5000 की फीस देनी होगी। इसके अलावा, यदि किसी नागरिक का 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, तो उसे दोबारा री-इश्यू कराने के लिए ₹1500 की जगह ₹3500 खर्च करने होंगे। वहीं, डैमेज श्रेणी में तत्काल सेवा के तहत नए पासपोर्ट के लिए ₹3500 की बजाय ₹7500 फीस निर्धारित की गई है।
30 पेज वाले सामान्य और तत्काल पासपोर्ट के नए रेट
दस्तावेजों में किए गए बदलावों के तहत 30 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट (नया या री-इश्यू) की फीस को भी संशोधित किया गया है। अब इसके लिए ₹2000 की बजाय ₹3500 का शुल्क देय होगा। यदि यही 30 पेज का पासपोर्ट तत्काल योजना के तहत बनवाया जाता है, तो अब ₹4000 के स्थान पर ₹6000 की फीस चुकानी पड़ेगी।
सुरक्षा और रिप्लेसमेंट मानकों के अनुसार, 30 पेज वाले पासपोर्ट के गुम होने अथवा पूरी तरह खराब होने पर नया री-इश्यू कराने की फीस ₹2000 से बढ़ाकर सीधे ₹6000 कर दी गई है। इसके साथ ही, डैमेज या खोए हुए पासपोर्ट को तत्काल प्रक्रिया से दोबारा प्राप्त करने के लिए आवेदकों को ₹4000 के स्थान पर ₹8500 की भारी राशि देनी होगी।
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट की नई दरें
संशोधित नियमों में नाबालिगों और बच्चों के पासपोर्ट शुल्कों को भी बदला गया है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 36 पेज वाला सामान्य पासपोर्ट बनवाने की फीस अब ₹1000 से बढ़कर ₹1750 हो गई है। वहीं, बच्चों के लिए तत्काल पासपोर्ट बनवाने पर अब ₹3000 की जगह ₹4250 का शुल्क लगेगा।
यदि किसी नाबालिग का पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया के तहत उसे दोबारा जारी कराने की फीस ₹1000 की बजाय ₹4250 निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, बच्चों के खोए या खराब हुए पासपोर्ट को तत्काल माध्यम से री-इश्यू कराने के लिए अब ₹3000 के बदले ₹6750 की फीस तय की गई है।
PCC और सरेंडर सर्टिफिकेट के रेट में भी संशोधन
सरकार ने केवल मुख्य पासपोर्ट बुकलेट ही नहीं, बल्कि विदेशों में नौकरी, वीजा आवेदन या नागरिकता से जुड़े अन्य आवश्यक कानूनी दस्तावेजों की फीस में भी बढ़ोतरी की है। विदेशी रोजगार या लॉन्ग टर्म वीजा के लिए अनिवार्य पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट यानी पीसीसी की फीस को संशोधित कर अब ₹750 कर दिया गया है।
इसके साथ ही, जो नागरिक स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता ग्रहण कर रहे हैं या किसी अन्य कारणवश अपना भारतीय पासपोर्ट जमा कर रहे हैं, उन्हें मिलने वाले सरेंडर सर्टिफिकेट के लिए भी अब ₹750 की निर्धारित फीस देनी होगी।
पासपोर्ट की समय सीमा और वैधता में कोई बदलाव नहीं
भले ही सरकार ने विभिन्न श्रेणियों में पासपोर्ट शुल्कों में उल्लेखनीय वृद्धि कर दी है, लेकिन राहत की बात यह है कि पासपोर्ट की समय सीमा अर्थात वैलिडिटी के मूल नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
18 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्क नागरिकों के लिए जारी किया जाने वाला भारतीय पासपोर्ट पहले की ही तरह पूरे 10 वर्षों के लिए वैध रहेगा। वहीं, बच्चों या नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की कुल वैलिडिटी 5 साल की होगी या उनके 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी अवधि पहले समाप्त हो) मान्य रहेगी।
















