Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन को ‘ब्रो’ क्यों कहा?

[ad_1]

Rajnath Singh: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सीमा सड़क संगठन (BRO) को ‘ब्रो’ (आजकल भाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला शब्द) समझते थे। बता दें कि राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सियांग जिले में बोलेंग के पास सियोम ब्रिज का उद्घाटन किया और BRO की 27 परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। उद्घाटन के बाद अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने ये बातें कही।

राजनाथ सिंह ने बचपन की यादें शेयर करते हुए कही ये बात

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “जब मैं बचपन में साइनबोर्ड पर सीमा सड़क संगठन का संक्षिप्त रूप ‘BRO’ देखता था तो मुझे लगता था कि ये ‘ब्रो’ है, जिसे हमारी युवा पीढ़ी ‘भाई’ के लिए इस्तेमाल करती है।

इसे भी पढ़ें:  मंकीपॉक्स वायरस: भारत सतर्क, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइंस

राजनाथ सिंह ने कहा कि अब सीमा सड़क संगठन का काम को देखने के बाद मुझे विश्वास है कि वे वास्तव में हमारे सशस्त्र बलों और लोगों के भाई हैं। मैं कह सकता हूं कि BRO को ‘भाई’ के रूप में पढ़ना गलत नहीं था।”

तवांग सेक्टर में झड़प के एक महीने बाद अरुणाचल पहुंचे राजनाथ सिंह

तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के एक महीने बाद राजनाथ सिंह अरुणाचल पहुंचे। राजनाथ सिंह ने सियांग जिले में बोलेंग के पास सियोम ब्रिज का उद्घाटन किया और बीआरओ की 27 परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

इसे भी पढ़ें:  Ram Lalla Murti Photo: देखिए! अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह के अंदर से भगवान श्रीराम की मूर्ति की झलक

सियोम नदी पर बना 100 मीटर का पुल सेना के लिए अहम कड़ी है क्योंकि इससे सैनिकों को सीमा पर तेजी से ले जाने में मदद मिल सकती है। बता दें कि झड़प के बाद संसद में बयान देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा था कि भारतीय सेना ने बहादुरी से चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों को भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें अपनी चौकियों पर वापस जाने के लिए मजबूर किया।



[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल