Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

पंजाब के कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी ने दिया इस्तीफा, ऑडियो टेप हुआ था वायरल

[ad_1]

नई दिल्ली: पंजाब के कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी ने इस्तीफा दे दिया है। सरारी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपना इस्तीफा सौंपा है। अपने इस्तीफे के लिए सरारी ने निजी कारण बताए हैं। फौजा सिंह के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला लिया है।

सूत्रों के मुताबिक आज शाम 4 बजे पंजाब राजभवन में सामान्य आयोजन के दौरान कैबिनेट विस्तार हो सकता है. इस वक्त पंजाब कैबिनेट में सीएम और 13 मंत्री हैं। 4 पद खाली हैं। बता दें कि फौजा सिंह सरारी वसूली का आरोप लगा है। उनका एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ है। जिसमें वह कथित तौर पर पैसों की सेटिंग कर रहे हैं। जिसके बाद पार्टी स्तर पर उनसे जवाब मांगा गया था। सरारी के बहाने विपक्ष ने भी सरकार को घेर रखा था।

इसे भी पढ़ें:  कुपवाड़ा में हथियारों के ठिकाने का भंडाफोड़

और पढ़िएदिल्ली मेयर चुनाव को लेकर LG आवास के बाहर AAP कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन

वायरल हुआ था ऑडियो टेप

वायरल ऑडियो को कांग्रेस नेता और भोलाथ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने भी शेयर किया था। दावा किया गया था कि ऑडियो में मंत्री फौजा सिंह अपने करीबी तरसेम लाल कपूर से जबरन बसूली का प्लान पर बात कर रहे थे। इस मामले में आम आदमी पार्टी ने उनपर कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

दूसरे मंत्री की हुई छुट्टी

फौजा सिंह सरारी पंजाब की AAP सरकार में मंत्री पद गंवाने वाले दूसरे मंत्री हैं। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सिंगला पर विभाग के टेंडर में कमीशन लेने के आरोप लगे थे। सिंगला को जेल में भी रहना पड़ा। हालांकि सिंगला को आम आदमी पार्टी से बर्खास्त नहीं किया गया।

इसे भी पढ़ें:  उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अडानी गैस ने घटाए गैस के दाम

और पढ़िएदेश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें

[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल