Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

पहलवानों के आरोपों पर शुरू हुआ एक्शन, कुश्ती संघ के अतिरिक्त सचिव विनोद तोमर सस्पेंड

[ad_1]

दीपक दुबे, नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अतिरिक्त सचिव विनोद तोमर को सस्पेंड किया गया है। ये फैसला शनिवार को लिया गया। हालांकि पहलवान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात के बाद पहले ही धरना खत्म कर चुके हैं। दरअसल, जिस दिन खिलाड़ी पहली बार धरने पर बैठे थे, विनोद तोमर को ही कुश्ती संघ की तरफ से बात करने और समझौता कराने के लिए भेजा गया था, लेकिन खिलाड़ियों ने इनसे बात नहीं की थी। इन्होंने उस दौरान खिलाड़ियों के द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को दरकिनार किया था कि इन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता। पहलवानों के आरोपों के बाद पहली कार्रवाई की गई है।

इसे भी पढ़ें:  तीन मंजिला इमारत ढही, पिता-पुत्री समेत तीन की मौत

प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया धरना खत्म करने का ऐलान

इससे पहले शुक्रवार रात रेसलर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मिले। ये बैठक करीब 5 घंटे चली। इसके बाद अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनके साथ बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, बबीता फोगाट और विनेश फोगाट जैसे रेसलर मौजूद रहे। इस दौरान रेसलर्स ने धरना खत्म करने का ऐलान किया।

एक महीने में होगी जांच

अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- खिलाड़ियों से बड़ी गंभीरता से बातचीत हुई। इन्होंने जो गंभीर आरोप लगाया है उसको बहुत बारीकी से सुना। कुश्ती संघ में सकारात्मक पहलू क्या हो इस पर भी बात हुई है, जो आरोप लगाए हैं उस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने आगे कहा- इस मामले में अब ओवरसाइज कमेटी का गठन होगा। इसके सदस्यों के नाम कल घोषणा होगी। एक महीने में जांच पूरी होगी। साथ ही जब तक जांच होगी तब तक ब्रजभूषण सिंह कामकाज से अलग रहेंगे। वहीं इस दौरान बजरंग पूनिया ने कहा- सबको धन्यवाद कि उन्होंने हमारी आवाज सुनी। हमें विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होगी। हम अभी प्रोटेस्ट खत्म कर रहे हैं। हमें सरकार पर पूरा विश्वास है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से रेसलर्स के चेहरे पर सुकून नजर आया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि 1 महीने बाद जो जांच कमेटी रिजल्ट देगी वह संतोषजनक होगा।

इसे भी पढ़ें:  सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को वैक्सीन नीति पर फटकार



[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल