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समापन में भावुक हुए सीएम शिवराज, दोनों हाथ जोड़कर मांगी माफी 

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17th Pravasi Bharatiya Divas: मध्य प्रदेश के इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) के समापन समारोह में मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भावुक हो गए। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा मन भाव-विभोर है। तीन दिन तक आपका साथ रहा। इंदौर आपसे एक रूप हो गया। सचमुच में इंदौर ने तैयारी वैसी की, जैसी बेटी की शादी के लिए करते हैं। बेटी की शादी जैसा इंदौर का स्वागत-सत्कार। जब बेटी की बिदाई होती है तो मन में तकलीफ भी होती है। मैं ‘पधारो म्हारे घर’ कार्यक्रम में गया था। वहां ऐसा लगा जैसे दो परिवार नहीं मिले हों बल्कि दो देश जुड़ गए हों।

 

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आगे सीएम ने कहा तीन दिन आनंद, उत्सव और उमंग के थे। तीन दिन कैसे कट गए, पता ही नहीं चला। अब मन सोचकर भारी हो रहा है कि आप चले जाओगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाने से पहले हमने आपसे ग्लोबल गार्डन में पेड़ लगाए। हर देश के प्रतिनिधि ने पेड़ लगाया। हमने आपने पेड़ के बंधन से बांध लिया है। जिन्होंने पेड़ लगाए, उन्हें क्यूआर कोड भी दे रहे हैं। आप स्कैन करेंगे तो आपका लगाया पेड़ आपको दिखेगा। वह पेड़ आपको आपको हमारी याद दिलाता रहेगा।

राजवाड़ा सूना-सूना… सराफा सूना

आगे सीएम बोले प्रधानमंत्री ने वसुधैव कुटुम्बकम का मंत्र दिया है। हम इस पर काम कर रहे हैं। विदाई की बेला आ गई है। इंदौर की यादों को लेकर विदा लेना। जब तुम चले जाओगे तो याद बहुत आओगे। सीएम बोले, तुम बिन लागेगा कन्वेंशन सेंटर सूना-सूना.. तुम बिन लागेगा राजवाड़ा सूना-सूना… सराफा सूना-सूना… राजवाड़ा सूना-सूना… तुम बिन लागेगा इंदौर सूना-सूना। सितारों को आंखों में महफूज रखना, बड़ी दूर तक रात ही रात होगी। मुसाफिर हो तुम भी, मुसाफिर हैं हम भी, फिर किसी मोड़ पर मुलाकात होगी। कसर छोड़ी न थी।

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राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार 2023 प्रदान किए और समापन सत्र की अध्यक्षता की। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी को 17वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन किया था। इस पीबीडी सम्मेलन का विषय है ‘प्रवासी: अमृत काल में भारत की प्रगति के लिए विश्वसनीय भागीदार’। इसमें लगभग 70 विभिन्न देशों के 3,500 से अधिक प्रवासी सदस्यों ने हिस्सा लिया।



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