Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

हीरा कारोबारी की 9 साल की बेटी ने ली दीक्षा

[ad_1]

Devanshi Sanghvi: सूरत के हीरा कारोबारी की 9 साल की बेटी देवांशी सांघवी ने बुधवार को 35 हजार लोगों की मौजूदगी में दीक्षा ग्रहण की। देवांशी मोहनभाई सांघवी की पोती और धनेश-अमीबेन की बेटी हैं। देवांशी का दीक्षा महोत्सव 14 जनवरी से वेसु में शुरू हुआ था।

પિતા ધનેશભાઈ અને માતા અમીબેન સાથે દેવાંશી.

दीक्षा ग्रहण करने के बाद इस नाम से जानी जाएंगी देवांशी

देवांशी (Devanshi Sanghvi) का दीक्षा ग्रहण समारोह आज सुबह 6.30 बजे से फिर से शुरू हुआ था। इसके बाद देवांशी ने 35 हजार से ज्यादा लोगों की मौजूदगी में जैनाचार्य कीर्तिशसूरीश्वर महाराज से दीक्षा ली। दीक्षा लेने के बाद देवांशी अब पूज्य साध्वी दिगंतप्रज्ञाश्रीजी एम.एस.ए. के नाम से जानी जाएंगी।

इसे भी पढ़ें:  महंगाई के मुद्दे पर 14 नवंबर से कांग्रेस का ‘जनजागरण अभियान’, सरकार को घेरने की तैयारी

વરસીદાન વરઘોડામાં દેવાંશી સાથે પિતા ધનેશભાઈ અને માતા અમીબેન.

संगीत, भरतनाट्यम और स्केटिंग में निपुण हैं देवांशी 

देवांशी की बरसीदान यात्रा का आयोजन बीते दिन सूरत में ही किया गया था। इसमें 4 हाथी, 20 घोड़े, 11 ऊंट थे। इससे पहले देवांशी की वर्सीदान यात्रा मुंबई और एंटवर्प में भी हुई थी। देवांशी 5 भाषाओं की जानकार हैं। वह संगीत, स्केटिंग, मानसिक गणित और भरतनाट्यम में माहिर हैं। देवांशी के पास वैराग्य शतक और तत्त्वार्थ प्रसंग जैसे महान ग्रंथ हैं। उन्होंने क्यूबा में भी गोल्ड मेडल जीता था।

35 હજાર લોકોની હાજરીમાં દીક્ષા મહોત્સવ શરૂ.

देवांशी के पिता की कंपनी का 100 करोड़ है सालाना टर्नओवर 

देवांशी गुजरात की सबसे पुरानी हीरा निर्माण कंपनियों में से एक ‘सांघवी एंड संस’ के पिता मोहन संघवी के इकलौते बेटे धनेश संघवी की बेटी हैं। धनेश सांघवी हीरा कंपनी के मालिक हैं, उनकी पूरी दुनिया में ब्रांच हैं और सालाना कारोबार 100 करोड़ के आसपास है।

इसे भी पढ़ें:  जारी हो गए पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट, जानिए हिमाचल में क्या है रेट

देवांशी की छोटी बहन का नाम काव्या है। उसकी उम्र पांच साल है। हीरा व्यापारी धनेश और उनका परिवार भले ही अरबपति हो, लेकिन उनकी जीवन शैली बहुत ही सरल सरल है। परिवार शुरू से ही धार्मिक रहा है।

[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल